रोम में PM मोदी से मिले भारतीय प्रवासी, भावुक होकर बोले — 'देश को हमेशा ऐसे प्रधानमंत्री मिलें'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान 20 मई 2025 को रोम में भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उनसे मुलाकात की। इस भेंट के बाद प्रवासी भारतीयों ने गहरी भावुकता जताई और कामना की कि भारत को सदैव ऐसे नेतृत्व का सौभाग्य मिलता रहे जो देश को विकास और कल्याण के पथ पर अग्रसर रखे।
भारतीय समुदाय की प्रतिक्रिया
सनातन धर्म संघ से जुड़े एक भारतीय नागरिक ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति बहुत प्रभावशाली होती है। वे इटली आए हैं, जिन्हें देखकर हर भारतीय बहुत खुश है। आज भारत देश आगे बढ़ रहा है और इसी तरह लगातार आगे बढ़ता रहे।' एक अन्य प्रवासी ने कहा, 'आज मुझे ऐसा लगा जैसे मैं भगवान से मिला हूँ — यह दूसरी बार है जब मैं उनसे मिल रहा हूँ।'
मिलान से विशेष रूप से ट्रेन से रोम पहुँचे एक प्रवासी ने कहा, 'हम अपने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हैं।' पहली बार मिलने वाले एक अन्य भारतीय ने बताया, 'उन्होंने मुझसे हाथ मिलाया — मुझे बहुत अच्छा लगा।'
सनातन धर्म और मंदिरों पर चर्चा
सनातन धर्म संघ के सदस्यों ने बताया कि पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान इटली में मंदिरों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। संगठन के एक प्रतिनिधि ने कहा, 'पिछली बार जब हमारी बातचीत हुई थी, उस समय इटली में 22 मंदिर थे — आज यहाँ लगभग 40 मंदिर हैं।' यह संगठन इटली में सनातन धर्म के प्रचार के साथ-साथ वहाँ के बच्चों को संस्कृत पढ़ाने, योग सिखाने और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने का कार्य करता है।
इतालवी चित्रकार ने भेंट की काशी की पेंटिंग
इटली यात्रा के दौरान इतालवी चित्रकार जियामपाओलो टोमासेटी ने प्रधानमंत्री मोदी को काशी के घाटों की एक विशेष पेंटिंग भेंट की। टोमासेटी ने बताया, 'मैंने उनसे कहा कि इस पेंटिंग का मकसद उन्हें यह दिखाना था कि एक इतालवी कलाकार की नज़र में रंगीन भारत और उनके नज़रिए के बीच एक सेतु मौजूद है। उन्होंने इसकी सराहना की और पूछा कि इसे बनाने में कितना समय लगा।' चित्रकार ने बताया कि यह पेंटिंग लगभग दो सप्ताह में पूरी हुई।
सांस्कृतिक स्वागत का आयोजन
रोम में भारतीय समुदाय और इतालवी कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी का भव्य सांस्कृतिक स्वागत किया। इतालवी नर्तकों ने भरतनाट्यम, कथक और कुचिपुड़ी नृत्य शैलियों की प्रस्तुति दी, जबकि संगीतकारों ने भारतीय शास्त्रीय वाद्ययंत्रों की धुनें छेड़ीं। यह आयोजन भारत-इटली के सांस्कृतिक सेतु का जीवंत प्रमाण बना।
यात्रा का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह इटली यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करने के उद्देश्य से हुई है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी सांस्कृतिक और कूटनीतिक उपस्थिति को लगातार विस्तार दे रहा है। प्रवासी भारतीयों से इस तरह की व्यक्तिगत मुलाकातें मोदी की विदेश यात्राओं की एक पहचान बन चुकी हैं।