ईरान पर सैन्य हमला सिर्फ एक घंटे दूर था, सहयोगियों की अपील पर रोका: ट्रंप

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ईरान पर सैन्य हमला सिर्फ एक घंटे दूर था, सहयोगियों की अपील पर रोका: ट्रंप

सारांश

ट्रंप का यह खुलासा बताता है कि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव कितना करीब आ चुका था। सैन्य बेड़ा तैयार था, आदेश देने में सिर्फ एक घंटा बाकी था — और खाड़ी सहयोगियों के एक फोन ने फिलहाल युद्ध टाल दिया। लेकिन यह राहत महज दो-तीन दिन की है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 मई 2026 को बताया कि अमेरिका ईरान पर सैन्य हमले से सिर्फ एक घंटे दूर था।
खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों की अपील पर हमला रोका गया; कूटनीति के लिए 2-3 दिन का सीमित समय दिया गया।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की 82 प्रतिशत मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं और नौसेना व वायुसेना लगभग निष्क्रिय है।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप को भरोसा दिलाया कि चीन ईरान को हथियार नहीं भेज रहा।
सऊदी अरब , कतर , यूएई , कुवैत , बहरीन और इज़रायल अमेरिका के साथ मिलकर कूटनीतिक प्रयासों में जुटे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 मई 2026 को खुलासा किया कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने से महज एक घंटे की दूरी पर था, लेकिन खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों की अपील पर उन्होंने यह फैसला कुछ दिनों के लिए टाल दिया। व्हाइट हाउस परिसर में निर्माण स्थल के दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि बातचीत के लिए दिया गया यह समय बेहद सीमित है और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्य घटनाक्रम

ट्रंप ने कहा, "मैं आज कार्रवाई का फैसला लेने से सिर्फ एक घंटे दूर था। हम पूरी तरह तैयार थे। नाव, जहाज सब तैयार थे और पूरी तरह हथियारों से लैस थे।" उन्होंने बताया कि इसके बाद क्षेत्रीय नेताओं के फोन आए, जिन्होंने कहा कि ईरान बातचीत में 'समझदारी' दिखा रहा है और दो-तीन दिन का अतिरिक्त समय माँगा। ट्रंप ने यह समय देने पर सहमति जताई, लेकिन साफ किया कि यह रियायत बहुत सीमित है।

समय-सीमा पर ट्रंप का कड़ा रुख

राष्ट्रपति ने कहा, "मैं कह रहा हूं दो या तीन दिन — शायद शुक्रवार, शनिवार, रविवार या अगले हफ्ते की शुरुआत तक। बहुत सीमित समय। क्योंकि हम उन्हें परमाणु हथियार नहीं रखने दे सकते।" ट्रंप ने बार-बार दोहराया कि यदि ईरान को परमाणु क्षमता मिल गई तो वह मध्य पूर्व के लिए विनाशकारी खतरा बन जाएगा। उनके अनुसार, परमाणु हथियार मिलते ही ईरान सबसे पहले इज़रायल पर और फिर सऊदी अरब, कुवैत, यूएई और कतर पर हमला करेगा।

ईरान की सैन्य स्थिति पर ट्रंप का दावा

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत पहले से काफी कमज़ोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अनुमान के मुताबिक ईरान की 82 प्रतिशत मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं और उसकी नौसेना तथा वायुसेना भी लगभग निष्क्रिय हो गई हैं। हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

चीन और क्षेत्रीय सहयोगियों की भूमिका

ट्रंप ने यह भी बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें आश्वासन दिया है कि चीन ईरान को कोई हथियार नहीं भेज रहा। ट्रंप ने कहा, "राष्ट्रपति शी ने मुझसे वादा किया है कि वे ईरान को कोई हथियार नहीं भेज रहे। मैं उनकी बात पर भरोसा करता हूं।" इसके अलावा उन्होंने बताया कि सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन ईरान से जुड़ी कूटनीतिक प्रक्रिया में अमेरिका के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय तनाव चरम पर है। ट्रंप के बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका कूटनीति को एक छोटी खिड़की के रूप में देख रहा है, सैन्य विकल्प पूरी तरह मेज पर रखे हुए हैं। आने वाले कुछ दिन इस संकट की दिशा तय करने में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या वे स्वयं एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष से बचने की कोशिश कर रहे हैं — जिसकी कीमत उन्हें भी चुकानी पड़ेगी। दो-तीन दिन की यह समय-सीमा कूटनीतिक समाधान के लिए पर्याप्त नहीं है; यह या तो युद्ध की पूर्व-सूचना है या फिर एक और दबाव-चक्र की शुरुआत।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमला क्यों रोका?
ट्रंप के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र के सहयोगी देशों ने फोन करके अनुरोध किया कि ईरान बातचीत में 'समझदारी' दिखा रहा है और कूटनीति के लिए दो-तीन दिन का और समय दिया जाए। इसी अपील पर उन्होंने हमले का आदेश स्थगित किया।
ट्रंप ने ईरान को वार्ता के लिए कितना समय दिया है?
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह समय बेहद सीमित है — उनके शब्दों में 'शुक्रवार, शनिवार, रविवार या अगले हफ्ते की शुरुआत तक।' उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने ईरान की सैन्य ताकत के बारे में क्या दावा किया?
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी अनुमान के अनुसार ईरान की 82 प्रतिशत मिसाइलें खत्म हो चुकी हैं और उसकी नौसेना तथा वायुसेना लगभग निष्क्रिय हो गई हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
चीन की इस मामले में क्या भूमिका है?
ट्रंप ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया है कि चीन ईरान को कोई हथियार नहीं भेज रहा। ट्रंप ने कहा कि वे इस वादे पर भरोसा करते हैं।
ईरान के परमाणु हथियार से मध्य पूर्व को क्या खतरा है?
ट्रंप के अनुसार, यदि ईरान को परमाणु हथियार मिल गया तो वह सबसे पहले इज़रायल पर और फिर सऊदी अरब, कुवैत, यूएई व कतर पर हमला करेगा। उन्होंने इसे 'परमाणु तबाही' करार दिया और कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि ईरान इसका इस्तेमाल करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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