पटना में निर्माणाधीन पुल के गिरने पर प्रशासन ने जांच का आदेश दिया
सारांश
Key Takeaways
- पुल गिरने की घटना पटना के ढेबरा गांव में हुई।
- दो श्रमिक मलबे के नीचे दब गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है।
- स्थानीय निवासियों ने निर्माण में अनियमितताओं का आरोप लगाया।
- प्रशासन ने विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है।
- इस घटना ने क्षेत्र में आक्रोश पैदा किया है।
पटना, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पटना जिला प्रशासन ने शहर के बाहरी क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के गिरने की घटना की जांच के लिए आदेश जारी किए हैं। यह घटना कल हुई थी।
अधिकारियों ने जानकारी दी कि यह घटना शुक्रवार को शाहपुर थाना क्षेत्र के ढेबरा गांव में घटित हुई, जिसमें दो श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। दोनों श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक श्रमिक की स्थिति गंभीर है, जबकि दूसरे को हल्की चोटें आई हैं।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, पुल का निर्माण विजय सिंह पथ को ढिब्रा से जोड़ने के लिए किया जा रहा था, तभी यह ढांचा अचानक गिर गया।
फंसे हुए श्रमिकों को मलबे से निकालने के लिए स्थानीय निवासियों और जेसीबी जैसी भारी मशीनरी की सहायता से बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।
स्थानीय निवासियों ने निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है, उनका कहना है कि पुल में उचित नींव और स्तंभों की कमी थी और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि स्टील की छड़ों सहित आवश्यक सुदृढ़ीकरण या तो अपर्याप्त थे या अनुपस्थित थे, जिससे सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल उठते हैं।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इमारत के गिरने के सही कारणों की जांच की जाएगी और जिम्मेदार व्यक्तियों को दंडित किया जाएगा। जांच के परिणामों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में चल रहे अन्य बुनियादी ढांचे के निर्माण कार्यों को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि दो समान पुलों का निर्माण एक साथ किया जा रहा है, जिसमें से एक पहले ही गिर चुका है, जबकि दूसरी पुल भी उसी तकनीक का उपयोग कर बनाई जा रही है।
इस घटना ने निवासियों में व्यापक आक्रोश उत्पन्न किया है, जिन्होंने ठेकेदार और परियोजना की निगरानी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारियों ने कहा है कि इस जांच में निर्माण प्रक्रिया के सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी, जिसमें लापरवाही और घटिया सामग्री का उपयोग शामिल है।