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क्या भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के जीएसटी सुधारों के लिए आभार व्यक्त किया?

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क्या भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के जीएसटी सुधारों के लिए आभार व्यक्त किया?

सारांश

भाजपा ने जीएसटी में सुधारों के लिए पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। यह कदम अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और नागरिकों के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। जानिए इन सुधारों से देश को क्या लाभ होगा।

मुख्य बातें

जीएसटी प्रणाली में सुधारों का उद्देश्य सरलता और पारदर्शिता है।
प्रधानमंत्री मोदी का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
जीएसटी करदाता आधार में वृद्धि हुई है।
मासिक संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाती है।
छोटे व्यवसायों के लिए प्रक्रियाएँ आसान की गई हैं।

नई दिल्ली, 7 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 7 सितंबर 2025 को अपने केंद्रीय कार्यालय में आयोजित संसदीय दल की कार्यशाला में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में किए गए हालिया सुधारों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जीएसटी के अगली पीढ़ी के सुधारों पर एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। इस प्रस्ताव में जीएसटी को और सरल, पारदर्शी और नागरिक-हितैषी बनाने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की गई।

भाजपा ने बताया कि कराधान किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का आधार होता है। एक प्रभावी कर प्रणाली उत्पादन को बढ़ावा देती है, उपभोग को प्रोत्साहित करती है और राष्ट्र के खजाने को मजबूत बनाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जीएसटी में किए गए सुधार इन सभी उद्देश्यों को पूरा करने में सक्षम हैं। आठ साल पहले, 2017 में, 'एक राष्ट्र, एक कर' के विजन के तहत जीएसटी लागू किया गया, जिसने वैट और विभिन्न जटिल करों की पुरानी प्रणाली को समाप्त कर एक एकीकृत बाजार की स्थापना की। इससे अंतर्राज्यीय व्यापार में सुगमता आई और अर्थव्यवस्था में निष्पक्षता व मजबूती बढ़ी।

पार्टी ने बताया कि 2014 से पहले, कई सरकारें जीएसटी लागू करने में असफल रहीं, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने न केवल इसे लागू किया, बल्कि पूरे देश में आम सहमति के साथ इसे प्रभावी बनाया। आज जीएसटी करदाता आधार 66 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से अधिक हो गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में जीएसटी संग्रह 18 प्रतिशत से अधिक की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ 22 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। मासिक संग्रह अब लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो 2017 की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। डेलॉइट के सर्वेक्षण के अनुसार, 85 प्रतिशत व्यवसाय, विशेष रूप से एमएसएमई, जीएसटी से संतुष्ट हैं, जो इस सुधार की सफलता को रेखांकित करता है।

भाजपा ने बताया कि नए सुधारों में खाद्य, दवाओं और इलेक्ट्रॉनिक सामानों जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी, उल्टे शुल्क की समस्याओं का समाधान और छोटे व्यवसायों, निर्यातकों व स्टार्टअप्स के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। ये कदम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने, व्यापारियों को सशक्त करने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सुदृढ़ करने की दिशा में हैं। मासिक संग्रह में वृद्धि अनुपालन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत है। भाजपा ने सभी व्यापारियों से अपील की कि वे जीएसटी सुधारों के तहत मिली छूट और रियायतों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाएं। कम कीमतें मांग को बढ़ाएंगी, जिससे व्यवसायों की समृद्धि और राष्ट्र की आर्थिक शक्ति में वृद्धि होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जीएसटी सुधारों ने न केवल कराधान प्रणाली को सरल बनाया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि नागरिकों और व्यापारियों दोनों को लाभ मिले। प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रहा है, और यह सुधार भारत की आर्थिक स्थिरता को सुनिश्चित करने में सहायक है।
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