क्या बीएमसी चुनाव में विपक्ष की हार स्पष्ट है? राहुल नार्वेकर का बयान
सारांश
Key Takeaways
- राहुल नार्वेकर ने विपक्ष के आरोपों को निराधार कहा।
- चुनाव आयोग नियमों के अनुसार काम कर रहा है।
- मुंबई के मेयर चुनाव का निर्णय जनता करेगी।
- भाजपा ने सभी समुदायों के लिए काम किया है।
- चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे।
मुंबई, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने बीएमसी चुनाव से संबंधित विपक्ष की ओर से भाजपा पर उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि विपक्ष को अपनी हार का अहसास पहले से ही हो चुका है, इसी कारण वे इस तरह के निराधार आरोप लगा रहे हैं।
नार्वेकर ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि वार्ड 212 में भाजपा के उम्मीदवार भी अपना नामांकन नहीं कर पाए थे। इसके अतिरिक्त, कई अन्य भाजपा उम्मीदवार भी समय पर नहीं पहुंच पाए और नामांकन जमा नहीं कर सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि विपक्षी उम्मीदवार समय पर नहीं पहुंचे और उनका नामांकन स्वीकार नहीं हुआ, तो इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पूरी तरह से नियमों के अनुसार कार्य कर रहा है और आयोग के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा सकती है, जिससे यह पता चलेगा कि कौन सा उम्मीदवार समय पर पहुंचा था। नार्वेकर ने कहा कि ऐसा कोई भी उम्मीदवार नहीं है, जो शाम पांच बजे से पहले पहुंचा हो और उसका नामांकन स्वीकार नहीं किया गया हो। आरोप लगाने वाले लोग चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार नहीं, बल्कि अपने हिसाब से कार्य करना चाहते थे और अब उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
जब शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के उम्मीदवारों द्वारा उर्दू में प्रचार करने के सवाल पर पूछा गया, तो विधानसभा स्पीकर ने कहा कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) समय-समय पर अपनी मातृभाषा और कामकाज की भाषा बदलती रहती है।
बीएमसी चुनाव की स्थिति पर नार्वेकर ने कहा कि कुछ स्थानों पर दोस्ताना मुकाबले देखने को मिल रहे हैं, हालांकि उनका मानना है कि इनमें से अधिकतर मतभेद नाम वापसी की अंतिम तारीख से पहले सुलझ जाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि चुनाव शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न होंगे।
मुंबई के मेयर के चुनाव को लेकर नार्वेकर ने कहा कि इसका निर्णय मुंबई की जनता करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों ने मराठी और गैर-मराठी, दोनों वर्गों के साथ-साथ मुंबई के सभी समुदायों के लिए काम किया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि मुंबई की जनता उनके विकास कार्यों का मूल्यांकन करेगी और अच्छे कार्यों के लिए उन्हें इनाम देगी।