क्या बीएमसी चुनाव में विवेक रंजन अग्निहोत्री की अपील से मतदाता जागरूक होंगे?
सारांश
Key Takeaways
- मुंबई में ओपन स्पेस की कमी गंभीर चिंता का विषय है।
- मतदाता को ऐसे उम्मीदवार का चयन करना चाहिए जो पर्यावरण और स्वास्थ्य के मुद्दों पर ध्यान दे।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, हर व्यक्ति को कम से कम 9 वर्ग मीटर ओपन स्पेस की आवश्यकता है।
- मुंबई में पब्लिक स्पेस का केवल 3-6 प्रतिशत हिस्सा ही हरी जगहों के लिए आरक्षित है।
- मतदान से पहले इन मुद्दों पर गौर करना आवश्यक है।
मुंबई, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र में गुरुवार को 29 महानगरपालिकाओं के लिए मतदान हो रहा है। इस अवसर पर फिल्म निर्माता-निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने आम लोगों से वोट डालने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान देने की सलाह दी।
अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर की गई पोस्ट में उन्होंने मतदाताओं को जागरूक करते हुए कहा कि वोट देने से पूर्व इस बात का ध्यान रखें कि मुंबई में विश्व का सबसे कम पब्लिक ओपन स्पेस मौजूद है। ऐसे में मतदाताओं को कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
विवेक रंजन अग्निहोत्री के अनुसार, मुंबई में हर व्यक्ति को औसतन मात्र 1-1.3 वर्ग मीटर का पब्लिक ओपन स्पेस मिलता है। यह एक चिंताजनक आंकड़ा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, हर व्यक्ति के लिए कम से कम 9 वर्ग मीटर ओपन स्पेस होना आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन भी यही सिफारिश करता है ताकि शहरवासियों को पर्याप्त हरी-भरी जगह, ताजा हवा और मनोरंजन मिल सके।
तुलना करें तो लंदन में प्रति व्यक्ति लगभग 31-32 वर्ग मीटर और न्यूयॉर्क में करीब 26-27 वर्ग मीटर पब्लिक ओपन स्पेस उपलब्ध है। इन शहरों में पार्क, गार्डन और खेल के मैदान निवासियों के स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और पर्यावरण संतुलन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
वहीं, मुंबई में कुल भूमि का केवल 3-6 प्रतिशत हिस्सा पार्क, गार्डन और प्लेग्राउंड के लिए आरक्षित है। अन्य स्थानों पर अतिक्रमण, निर्माण कार्य और अन्य उपयोगों के कारण हरी जगहों की उपलब्धता घटती जा रही है।
विवेक रंजन ने यह सवाल उठाया कि क्या कोई उम्मीदवार मुंबई में अधिक खुली जगहें बनाने, प्रदूषण को कम करने और मौजूदा ओपन स्पेस की रक्षा का ठोस वादा कर रहा है? उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे उस कैंडिडेट को चुनें जो शहर को अधिक हरा-भरा, स्वस्थ और रहने लायक बनाने की दिशा में काम करे। मुंबई की जनसंख्या वृद्धि और घनी आबादी के कारण ओपन स्पेस की कमी से निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है– जैसे प्रदूषण का बढ़ना, तनाव, बच्चों के खेलने की जगह का अभाव और जीवन की गुणवत्ता में गिरावट।