क्या बोकारो में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ ने नक्सलवाद पर अंकुश लगाया?

सारांश
Key Takeaways
- बोकारो में मुठभेड़ में कुंवर मांझी मारा गया।
- इस ऑपरेशन में एक कोबरा 209 बटालियन का जवान शहीद हुआ।
- सर्च अभियान के दौरान एके-47 और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई।
- झारखंड पुलिस ने इस वर्ष 16 नक्सलियों को मारा है।
- पुलिस का लक्ष्य राज्य को नक्सलमुक्त बनाना है।
बोकारो, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के बोकारो जिले में लुगू पहाड़ की तलहटी में बुधवार सुबह एक महत्वपूर्ण मुठभेड़ हुई, जिसमें 5 लाख का इनामी सब जोनल कमांडर कुंवर मांझी समेत दो नक्सली मारे गए। इस ऑपरेशन में कोबरा 209 बटालियन का एक जवान भी शहीद हुआ। मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में एक एके-47 और इसकी एक मैगजीन सहित अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
बोकारो के पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी, "इससे पहले पुलिस द्वारा चलाए गए नक्सल ऑपरेशन के दौरान और पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुंवर मांझी शामिल था। वह पहले भाग निकलने में सफल रहा था। नक्सलियों के मूवमेंट की जानकारी मिलने पर बुधवार सुबह घेराबंदी की गई, जिसके दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सर्च अभियान अभी भी जारी है।"
एसपी ने बताया कि मुठभेड़ में कुंवर मांझी और उसका एक साथी ढेर हो गया। कोबरा बटालियन और जिला पुलिस की टीम ने कुंवर मांझी के अलावा एक और नक्सली, जो बिना वर्दी का था, को भी मार गिराया। दोनों नक्सलियों के शव को पुलिस ने बरामद कर लिया है। इस मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान भी घायल हुआ था, जो एयरलिफ्ट कर रांची ले जाने के दौरान शहीद हो गया। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है, और रुक-रुक कर गोलियों की आवाज सुनाई दे रही है। एके-47, कुछ गोलियां और कई नक्सली सामग्री बरामद की गई है।
इस वर्ष झारखंड पुलिस ने राज्य को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य रखा है। पुलिस के अनुसार, अब तक इस साल 16 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जबकि 10 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। पिछले वर्ष 2024 में पुलिस ने 244 नक्सलियों को गिरफ्तार किया, जबकि 9 नक्सली मारे गए थे। 24 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया था, जिनमें चार जोनल कमांडर, एक सब जनरल कमांडर और तीन एरिया कमांडर शामिल थे।