ब्रेस्ट फीडिंग वीक: स्तनपान कराते समय किन बातों का ध्यान रखें?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ब्रेस्ट फीडिंग वीक: स्तनपान कराते समय किन बातों का ध्यान रखें?

सारांश

ब्रेस्ट फीडिंग वीक के दौरान माताओं को अपने आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जानिए, कौन से खाद्य पदार्थों से रहना है दूर और कैसे स्वस्थ रह सकता है आपका शिशु।

मुख्य बातें

स्वस्थ आहार का सेवन करें।
जंक फूड से दूर रहें।
समय-समय पर सलाह लें ।
शिशु के लिए उचित पोषण का ध्यान रखें।

नई दिल्ली, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। ब्रेस्ट फीडिंग वीक (1-7 अगस्त) चल रहा है। स्तनपान कराने वाली माताओं को अपने आहार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि उनका खाना शिशु के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव डालता है। कुछ खाद्य पदार्थ मां के लिए हानिकारक नहीं हो सकते हैं, लेकिन जब ये दूध के माध्यम से शिशु तक पहुंचते हैं, तो ये हानिकारक हो सकते हैं। भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय इस विषय में जानकारी और सलाह प्रदान करता है।

आजकल सिंथेटिक दूध की मार्केटिंग के कारण कई महिलाएं अपने नवजात शिशु को मां का दूध पिलाने से हिचकिचाती हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम पोषण है, जो उसे जीवनभर स्वास्थ्य और ताकत प्रदान करता है। यह केवल शिशुओं के लिए ही नहीं, बल्कि स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए भी फायदेमंद होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि माताओं को अपने आहार पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि उनका खाना शिशु के स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित करता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, स्तनपान के समय कुछ खाद्य पदार्थों से बचना आवश्यक है; इनमें पुदीना, मकई, तला-भुना भोजन, लहसुन, चॉकलेट, मिर्च-मसाले, खट्टे फलों के साथ ही जंक फूड शामिल हैं।

मंत्रालय का कहना है कि दूध के उत्पादन को पुदीना कम कर सकता है, इसलिए इसका सेवन न करें। मकई के दाने शिशु में एलर्जी पैदा कर सकते हैं, अतः इसे भोजन में शामिल करना हानिकारक हो सकता है। तला-भुना भोजन, जैसे पकौड़े, समोसे, और तले हुए स्नैक्स से परहेज करें, क्योंकि ये शिशु के पाचन को प्रभावित कर सकते हैं। लहसुन की तासीर गर्म होती है और इसकी तेज गंध के कारण शिशु दूध पीना बंद कर सकता है। वहीं, चॉकलेट में मौजूद कैफीन शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

इसके अलावा, गरम मसालों का इस्तेमाल भी कम से कम करना चाहिए, क्योंकि ये शिशु के पेट को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नींबू, संतरा समेत अन्य फलों में मौजूद विटामिन सी की अधिकता दूध में अम्लता बढ़ा सकती है, जिससे शिशु का पेट खराब हो सकता है। इसके साथ ही पिज्जा, बर्गर, चाइनीज फूड जैसे खाद्य पदार्थों को पूरी तरह से इग्नोर करें।

स्वस्थ आहार केवल मां की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत नहीं करता, बल्कि शिशु को भी स्वस्थ और मजबूत बनाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि स्तनपान कराने वाली माताओं को पौष्टिक और संतुलित आहार लेना चाहिए। ताजे फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज को प्राथमिकता दें। घर की बुजुर्ग महिलाओं से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है, क्योंकि क्षेत्रीय स्तर पर कई पारंपरिक भोजन टिप्स माताओं के लिए लाभदायक होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमारा दृढ़ विश्वास है कि माताओं को स्तनपान के समय अपने आहार पर ध्यान देना चाहिए। यह न केवल मां के स्वास्थ्य के लिए, बल्कि शिशु के विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें सामुदायिक स्तर पर पारंपरिक ज्ञान को साझा करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्तनपान के दौरान क्या खाना चाहिए?
स्तनपान के दौरान माताओं को ताजे फल, सब्जियां, दालें और साबुत अनाज का सेवन करना चाहिए।
क्या खाद्य पदार्थ स्तनपान को प्रभावित कर सकते हैं?
हाँ, जैसे पुदीना, मकई, तला-भुना भोजन और चॉकलेट शिशु के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
स्तनपान करते समय जंक फूड क्यों नहीं खाना चाहिए?
जंक फूड शिशु के पाचन को प्रभावित कर सकता है और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
राष्ट्र प्रेस