क्या उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का वार विपक्ष पर नए साल में प्रभावी होगा?
सारांश
Key Takeaways
- उपमुख्यमंत्री ने नए साल पर शुभकामनाएं दीं।
- युवाओं के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने का संदेश।
- विपक्ष के लक्ष्य को असंभव बताया।
- गरीबों के कल्याण के लिए योजनाएं जारी।
- पारदर्शिता से चुनाव कराने की बात की।
लखनऊ, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नव वर्ष 2026 के मौके पर प्रदेशवासियों और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नए साल को उम्मीद, संकल्प और सेवा का प्रतीक बताया।
ब्रजेश पाठक ने न्यूज एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि वह प्रभु श्रीराम के चरणों में प्रार्थना करते हैं कि प्रदेशवासियों की सभी मनोकामनाएं पूरी हों और नया साल सबके जीवन में सुख-समृद्धि लेकर आए।
उपमुख्यमंत्री ने खास तौर पर युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि युवाओं को अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य तय करने चाहिए। प्रदेश की सरकार युवाओं की सरकार है और नवाचार हो या नए लक्ष्य, हर क्षेत्र में युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वह व्यक्तिगत रूप से युवाओं के साथ खड़े हैं। सरकार हर कदम पर उनका साथ दे रही है।
इंडिया ब्लॉक को लेकर ब्रजेश पाठक ने कहा कि विपक्षी गठबंधन का जो लक्ष्य है, वह कभी पूरा नहीं होगा। प्रदेश और देश की जनता उन्हें पहचान चुकी है और वे पूरी तरह एक्सपोज हो चुके हैं। चाहे तृणमूल कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी हो, राष्ट्रीय जनता दल हो या कांग्रेस, सभी समझ चुके हैं कि अब उनकी दाल गलने वाली नहीं है।
एसआईआर और घुसपैठ के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाई जा रही गरीब कल्याण योजनाएं जन-जन तक पहुंची हैं। गरीबों का आशीर्वाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ है। एसआईआर से घुसपैठिए मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। सरकार चाहती है कि प्रदेश में पूरी पारदर्शिता के साथ मतदाता सूची तैयार हो और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।
ब्रजेश पाठक ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी समझ चुकी है कि उनकी हार तय है, इसलिए उन्हें बेचैनी हो रही है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मोहन भागवत ने बिल्कुल सही बात कही है। संघ हमेशा समाज की बात करता है और सबको साथ लेकर चलता है। भारत की संस्कृति के अनुरूप हम सभी को साथ लेकर चल रहे हैं। मोहन भागवत ने कहा था कि देश में किसी भी तरह का कोई भेदभाव नहीं है।