बुद्ध पूर्णिमा 2026: प्रयागराज संगम और हरिद्वार गंगा घाट पर हजारों श्रद्धालुओं का पवित्र स्नान
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सारांश
बुद्ध पूर्णिमा 2026 पर प्रयागराज के संगम और हरिद्वार के गंगा घाटों पर आस्था का असाधारण सैलाब उमड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया, दान-पुण्य किया और सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच इस त्रिवेणी पर्व को श्रद्धा के साथ मनाया।
Key Takeaways
1 मई 2026 को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज और हरिद्वार में हजारों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए उमड़े। प्रयागराज के संगम पर श्रद्धालुओं ने भोजन, दान, गाय, वस्त्र और घी अर्पित किए। पुजारियों के अनुसार इस दिन को वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है और इसका विशेष धार्मिक महत्व है। हरिद्वार में सीओ शिशुपाल नेगी के नेतृत्व में सभी घाटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। एसएसबी, लोकल इंटेलिजेंस, एटीएस और क्यूआरटी टीमें भी घाटों पर तैनात रहीं।
बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर 1 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और उत्तराखंड के हरिद्वार में हजारों श्रद्धालु पवित्र नदियों में डुबकी लगाने उमड़ पड़े। भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की त्रिवेणी स्मृति में मनाए जाने वाले इस पर्व पर संगम और गंगा घाटों पर आस्था का असाधारण सैलाब देखा गया।
प्रयागराज संगम पर आस्था की लहर
बुद्ध पूर्णिमा के शुभ अवसर पर प्रयागराज के पवित्र संगम पर हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए और पवित्र स्नान किया। राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए एक महिला श्रद्धालु ने कहा,
Point of View
लेकिन यह प्रश्न भी उठता है कि इतनी बड़ी भीड़ के प्रबंधन के लिए प्रशासनिक तैयारी कितनी पर्याप्त है। एसएसबी, एटीएस और क्यूआरटी की तैनाती सुरक्षा के प्रति गंभीरता दर्शाती है, परंतु घाटों पर बुनियादी सुविधाओं — स्वच्छता, चिकित्सा सहायता और भीड़ नियंत्रण — की पारदर्शी रिपोर्टिंग अभी भी अपेक्षित है। महाकुंभ के बाद प्रयागराज की क्षमता और अनुभव निस्संदेह बढ़ा है, किंतु बड़े धार्मिक आयोजनों में आपदा-प्रबंधन की तैयारी को नियमित जनसूचना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
NationPress
01/05/2026
Frequently Asked Questions
बुद्ध पूर्णिमा 2026 कब मनाई गई?
बुद्ध पूर्णिमा 2026 का पावन पर्व 1 मई 2026 को मनाया गया। इस दिन को भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा क्यों कहते हैं?
बुद्ध पूर्णिमा वैशाख माह की पूर्णिमा को पड़ती है, इसलिए इसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। प्रयागराज के पुजारियों के अनुसार इस दिन स्नान, दान और भोजन अर्पण का विशेष धार्मिक महत्व होता है।
प्रयागराज संगम पर बुद्ध पूर्णिमा का क्या महत्व है?
प्रयागराज के संगम पर बुद्ध पूर्णिमा के दिन स्नान करने से पापों का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है — ऐसा स्थानीय पुजारियों का मानना है। इस दिन पितृ तर्पण और दान का भी विशेष फल बताया जाता है।
हरिद्वार में बुद्ध पूर्णिमा पर सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए?
हरिद्वार में सीओ शिशुपाल नेगी के अनुसार सभी घाटों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। इसके अलावा एसएसबी, लोकल इंटेलिजेंस, एटीएस और क्यूआरटी टीमें भी जगह-जगह तैनात रहीं।
बुद्ध पूर्णिमा पर किन शहरों में सबसे अधिक भीड़ देखी गई?
1 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और उत्तराखंड के हरिद्वार में सबसे अधिक श्रद्धालु उमड़े। भारत के विभिन्न शहरों और गांवों से श्रद्धालु इन दोनों पवित्र स्थलों पर पहुंचे।