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बुद्ध पूर्णिमा 2025: राष्ट्रपति मुर्मु, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन समेत शीर्ष नेताओं ने दीं शुभकामनाएं

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बुद्ध पूर्णिमा 2025: राष्ट्रपति मुर्मु, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन समेत शीर्ष नेताओं ने दीं शुभकामनाएं

सारांश

बुद्ध पूर्णिमा पर देश के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों और मंत्रियों ने एकस्वर से भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को आज के युग में प्रासंगिक बताया। राष्ट्रपति मुर्मु से योगी आदित्यनाथ तक — सबने शांति, करुणा और 'अप्प दीपो भव' के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 1 मई 2025 को बुद्ध पूर्णिमा पर देशवासियों और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को शुभकामनाएं दीं।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने करुणा, अहिंसा और ज्ञान के मार्ग को आज के विश्व में प्रासंगिक बताया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मध्यम मार्ग, चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि महात्मा बुद्ध का संदेश ढाई हजार साल बाद भी अत्यंत प्रासंगिक है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की भूमि से बुद्ध के संदेश का उल्लेख करते हुए विश्व-बंधुत्व का आह्वान किया।

नई दिल्ली: बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर शुक्रवार, 1 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से लेकर उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष और कई केंद्रीय मंत्रियों ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सभी नेताओं ने एकस्वर में कहा कि भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने हजारों वर्ष पूर्व थे।

राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के संदेश

राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस वर्ष इनका संदर्भ विशेष है — भारत-पाकिस्तान तनाव और वैश्विक अशांति के बीच शांति और अहिंसा का आह्वान केवल औपचारिकता नहीं लगता। गौरतलब है कि भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी और ज्ञानस्थली बोधगया दोनों भारतीय उपमहाद्वीप की विरासत हैं, जो इन संदेशों को कूटनीतिक आयाम भी देती है। मुख्यधारा की कवरेज प्रायः इन संदेशों को सूचीबद्ध कर देती है, परंतु यह नहीं पूछती कि नीति-निर्माण में बुद्ध के मध्यम मार्ग का व्यावहारिक अनुसरण कितना हो रहा है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुद्ध पूर्णिमा 2025 कब है?
बुद्ध पूर्णिमा 2025 शुक्रवार, 1 मई को मनाई गई। यह पर्व वैशाख माह की पूर्णिमा को भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाया जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुद्ध पूर्णिमा पर क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स पर पोस्ट कर सभी देशवासियों और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान बुद्ध के विचारों की सार्वभौमिक प्रासंगिकता पर जोर दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुद्ध पूर्णिमा पर क्या संदेश दिया?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि वैशाख पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और अध्यात्म का संकल्प है। उन्होंने मध्यम मार्ग, चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग को आज भी उतना ही प्रासंगिक बताया जितना हजारों वर्ष पूर्व था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की दिव्य धरा से ही भगवान बुद्ध ने संपूर्ण विश्व को सत्य, शांति और मानवता के कल्याण का संदेश दिया था। उन्होंने विश्व-बंधुत्व और सह-अस्तित्व के पथ पर चलने का आह्वान किया।
भगवान बुद्ध का 'अप्प दीपो भव' संदेश क्या है?
'अप्प दीपो भव' का अर्थ है — 'स्वयं अपना प्रकाश बनो।' लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमें सिखाता है कि किसी भी परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से होती है।
राष्ट्र प्रेस
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