बुलंदशहर एनकाउंटर: भूरा गैंग का सरगना शहजाद समेत 5 पशु चोर गिरफ्तार, 2 को लगी गोली
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के गुलावठी क्षेत्र में 11 अक्टूबर 2026 की देर रात गुलावठी पुलिस और स्वाट टीम ने कुख्यात भूरा गैंग के सरगना सहित 5 पशु तस्करों को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में गैंग सरगना शहजाद उर्फ भूरा और उसके मुख्य सहयोगी शाहरुख मेवाती के पैर में गोली लगी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, तीन चाकू, कारतूस, एक वाहन, चोरी की दो भैंसें और ₹95,000 की नकद राशि बरामद की है।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
सर्कल ऑफिसर प्रखर पांडे के अनुसार, शनिवार रात लगभग 1 बजे गुलावठी पुलिस और स्वाट टीम जिरावटी क्षेत्र के पास हाईवे पर नियमित चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन सामने आया और पुलिस के रुकने का इशारा करने पर चालक ने गाड़ी की रफ्तार और बढ़ा दी।
पुलिस टीम ने तत्काल उस वाहन का पीछा किया। बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। इस मुठभेड़ में शहजाद उर्फ भूरा और शाहरुख मेवाती के पैर में गोली लगने से दोनों घायल हो गए। इसके बाद उनके तीन अन्य साथियों को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस के अनुसार, पाँचों गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है — शहजाद उर्फ भूरा, निवासी थाना मुंडाली, मेरठ; शाहरुख मेवाती, निवासी नौरंगाबाद, मोहरू नगला, थाना पलवल, हरियाणा; फैसल, निवासी चौधरीबाड़ा, सिकंदराबाद; शरीफ, निवासी सिकंदराबाद; और रिजवान, निवासी जलीलपुर, थाना जहांगीराबाद।
पुलिस के मुताबिक, शहजाद उर्फ भूरा वर्ष 2012 से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में उसके विरुद्ध 32 मुकदमे दर्ज हैं। शाहरुख मेवाती पर 8, फैसल पर 7, शरीफ पर 19 और रिजवान पर 7 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
कार्रवाई में शामिल पुलिस बल
इस अभियान में गुलावठी कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा, कस्बा इंचार्ज आनंद कुमार, नई मंडी चौकी प्रभारी उपेंद्र यादव और उनकी टीम के साथ-साथ स्वाट टीम प्रभारी मोहम्मद असलम व उनकी टीम भी शामिल थी।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अब पाँचों गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर पशु चोरी की अन्य वारदातों का पर्दाफाश करने की कोशिश में जुटी है। गौरतलब है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पशु तस्करी और चोरी की घटनाएँ लंबे समय से किसानों और पशुपालकों के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं। यह कार्रवाई क्षेत्र में सक्रिय अन्य गिरोहों पर भी शिकंजा कसने के प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।