आजमगढ़ मुठभेड़: बकरी चोर गिरोह का सदस्य आसिफ गिरफ्तार, 38 मुकदमों वाला कलीम फरार
सारांश
मुख्य बातें
आजमगढ़ पुलिस ने 4 अक्टूबर 2026 को सिधारी थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद बकरी चोरी गिरोह के सदस्य आसिफ को गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में आसिफ के दाहिने पैर में गोली लगी और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरोह का कथित मुख्य सदस्य कलीम — जिस पर 38 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं — अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
4 अक्टूबर को शाहगढ़ क्षेत्र में चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बकरी चोरी गिरोह के दो सदस्य बाइक पर आ रहे हैं। पुलिस ने समेंदा-पूरा ठकुराई मार्ग स्थित लोहारी मोड़ पुलिया के पास घेराबंदी की।
बाइक रोकने पर पीछे बैठे आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे काबू कर जिला अस्पताल भेजा गया। बाइक चला रहा कथित मुखिया कलीम पुत्र इस्लाम, निवासी शाहपुर, थाना जीयनपुर, अंधेरे में भागने में कामयाब रहा।
बरामदगी और पूछताछ
गिरफ्तार आसिफ के कब्जे से पुलिस ने .315 बोर का तमंचा, कारतूस, एक दोपहिया वाहन और ₹1,560 नकद बरामद किए। पुलिस के अनुसार, यह रकम समेंदा से चोरी की गई बकरी बेचने से आसिफ को मिला उसका हिस्सा था।
पूछताछ में आसिफ ने कई वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की — सिधारी क्षेत्र के दौलतपुर से 2 बकरी, समेंदा से 1 बकरी और जीयनपुर के बैरियाडिह से 3 बकरी चोरी करना।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आसिफ — निवासी अशरफपुर, थाना जीयनपुर — पर पहले से 6 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फरार कलीम के खिलाफ 38 अभियोग दर्ज होना उसे इस गिरोह का सबसे पुराना और सक्रिय आरोपी बनाता है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी की घटनाओं पर नकेल कसने के लिए अभियान चला रही है। गौरतलब है कि बकरी और मवेशी चोरी छोटे किसानों और पशुपालकों की आजीविका को सीधे प्रभावित करती है।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आसिफ के विरुद्ध आर्म्स एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। फरार कलीम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कलीम की गिरफ्तारी गिरोह की पूरी कार्यप्रणाली और नेटवर्क को उजागर करने में अहम साबित हो सकती है।