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क्या बुंदेलखंड बनेगा गणतंत्र दिवस की थीम? शोभायात्रा में सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलेगी

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क्या बुंदेलखंड बनेगा गणतंत्र दिवस की थीम? शोभायात्रा में सांस्कृतिक विरासत की झलक मिलेगी

सारांश

गणतंत्र दिवस 2026 के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने शोभायात्रा की तैयारी की है। बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत, शौर्य परंपरा और लोककला को प्रस्तुत करने के लिए यह आयोजन ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह बुंदेलखंड को पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।

मुख्य बातें

गणतंत्र दिवस 2026 पर बुंदेलखंड थीम की शोभायात्रा का आयोजन होगा।
यह शोभायात्रा क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगी।
बुंदेलखंड के ऐतिहासिक किलों को शामिल किया जाएगा।
यह आयोजन बुंदेलखंड को पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
परंपरागत लोक नृत्य और कला प्रदर्शित की जाएगी।

लखनऊ, 21 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। गणतंत्र दिवस 2026 को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रंगों से और भी भव्य बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इस अवसर पर ‘बुंदेलखंड’ थीम पर आधारित एक भव्य शोभायात्रा एवं झांकी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, शौर्य परंपरा, लोककला और स्थापत्य वैभव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि यह आयोजन बुंदेलखंड के साहस, स्वाभिमान और गौरवशाली इतिहास का उत्सव होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रतिवर्ष की भांति वर्ष 2026 के गणतंत्र दिवस समारोह को भी गरिमामय और स्मरणीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में पर्यटन विभाग द्वारा प्रस्तावित शोभायात्रा बुंदेलखंड की विशिष्ट पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही है। शोभायात्रा के माध्यम से बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराएं और ऐतिहासिक धरोहरों को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि शोभायात्रा की थीम बुंदेलखंड की वीरता और स्थापत्य कला को उसके प्रसिद्ध किलों-कालिंजर, झांसी, ओरछा, चरखारी और महोबा के माध्यम से प्रस्तुत करेगी। ये किले न केवल ऐतिहासिक महत्व रखते हैं, बल्कि क्षेत्र के साहस, शौर्य और कला-कौशल के प्रतीक भी हैं। शोभायात्रा के सफल आयोजन के लिए पर्यटन विभाग ने एजेंसी चयन की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है।

शोभायात्रा में एक सशक्त कथानक के माध्यम से बुंदेलखंड की गौरवशाली विरासत को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया जाएगा। इसमें क्षेत्र के प्राचीन स्थापत्य, सांस्कृतिक परंपराओं, लोककला, लोकजीवन और परिधान की झलक के साथ-साथ उन ऐतिहासिक प्रतीकों को भी उकेरा जाएगा, जिन्होंने बुंदेलखंड को वीरता और स्वाभिमान की भूमि के रूप में स्थापित किया है। इसके अलावा, बुंदेलखंड के किलों, महलों और ऐतिहासिक स्थलों की पर्यटन संभावनाओं को दर्शाते हुए यह संदेश दिया जाएगा कि यह क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन सकता है।

बुंदेलखंड की लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती यह शोभायात्रा दर्शकों को परंपरा, उत्सव और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर देगी। बुंदेली सांस्कृतिक नृत्य कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा के दौरान रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। ढोल-नगाड़ों की गूंज और लोकनृत्यों की ऊर्जा से पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठेगा।

जयवीर सिंह ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित यह शोभायात्रा केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के शौर्य, स्वाभिमान और समृद्ध विरासत का उत्सव है।

बुंदेलखंड थीम के माध्यम से राज्य अपनी ऐतिहासिक धरोहर, लोक परंपराओं और स्थापत्य वैभव को राष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप में प्रस्तुत करेगा। यह आयोजन बुंदेलखंड को पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति अमृत अभिजात ने बताया कि गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर बुंदेलखंड थीम पर आधारित शोभायात्रा राज्य की सांस्कृतिक विरासत को नवाचार और गरिमा के साथ प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम बनेगी। यह विभाग का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भारत के विविधता में एकता का प्रतीक है। बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय मंच पर लाना आवश्यक है, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सके और इसे संरक्षित किया जा सके।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणतंत्र दिवस पर शोभायात्रा कब आयोजित की जाएगी?
गणतंत्र दिवस 2026 पर शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा।
शोभायात्रा की थीम क्या होगी?
शोभायात्रा की थीम 'बुंदेलखंड' होगी।
कौन-कौन से किलों को शामिल किया जाएगा?
कालिंजर, झांसी, ओरछा, चरखारी और महोबा के किलों को शामिल किया जाएगा।
इस शोभायात्रा का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत और शौर्य परंपरा को प्रस्तुत करना है।
क्या इस आयोजन में लोक नृत्य भी शामिल होंगे?
हाँ, शोभायात्रा में बुंदेली सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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