बुरहानपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान की रफ्तार तेज, किशोरियों का बढ़ा उत्साह
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान ने एक नई गति पकड़ ली है। बड़ी संख्या में परिवार अपनी बेटियों को टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुँच रहे हैं।
इस अभियान के अंतर्गत किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) का टीका लगाया जा रहा है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग ने टीके को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आरंभ किए हैं।
जिला टीकाकरण अधिकारी वाई.बी. शास्त्री ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २८ फरवरी २०२६ को अजमेर से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी, जिसके बाद अब इसे पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि एचपीवी वैक्सीन के प्रति लोगों की हिचकिचाहट और कई प्रकार की गलतफहमियां एक बड़ी चुनौती हैं। इन चुनौतियों को पार करने के लिए मीडिया कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह टीकाकरण अभियान लगभग १४ वर्ष की किशोरियों को लक्षित करता है, ताकि उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा मिल सके। जिले में यह अभियान अगले तीन महीनों तक जारी रहेगा और अधिक से अधिक किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
शास्त्री ने बताया, “यह एचपीवी टीकाकरण अभियान है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने की है। यह अभियान तीन महीने तक चलेगा और हमारा लक्ष्य १४ वर्ष की आयु पार कर चुकी ९,०८४ किशोरियों का टीकाकरण करना है।”
उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांतियों पर ध्यान न दें। हर टीकाकरण का उद्देश्य शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाना होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह टीका शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को लगभग ९९.७ प्रतिशत तक बढ़ाने में सहायक है और सर्वाइकल कैंसर से बचाव में प्रभावी माना जाता है। इसके दुष्प्रभाव भी बहुत कम होते हैं।
उन्होंने बताया कि एचपीवी वायरस ही सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण है। देश में यह कैंसर महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे घातक कैंसर माना जाता है। यह टीका लगने के बाद लगभग १० वर्षों तक सुरक्षा प्रदान करता है।