कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा की पत्नी निल्पा की सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील

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कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा की पत्नी निल्पा की सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील

सारांश

कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच फंसे हैं। उनकी पत्नी निल्पा ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। क्या भारतीय नाविकों को जल्द सुरक्षित निकाला जाएगा?

Key Takeaways

  • कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा और उनके क्रू के लिए सुरक्षा की चिंता।
  • निल्पा ने सरकार से मदद की गुहार लगाई।
  • 200 से अधिक जहाज होर्मुज स्ट्रेट में फंसे हैं।
  • भारत सरकार स्थिति पर नजर रख रही है।
  • ईरान ने भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है।

मुंबई, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के बीच, मुंबई के दहिसर पूर्व निवासी कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा एक एलपीजी टैंकर के साथ फंसे हुए हैं। कैप्टन की पत्नी निल्पा ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए वैश्विक स्थिति पर चिंता व्यक्त की और भारत सरकार से सहायता की अपील की।

कैप्टन विश्वकर्मा 2 मार्च से संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में मीना सकर बंदरगाह के निकट फंसे हैं, जहां होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण 200 से अधिक जहाज अटके हुए हैं। कैप्टन की पत्नी निल्पा विश्वकर्मा मुंबई में बेहद चिंतित हैं।

उन्होंने कहा, "मेरे पति का जहाज फारस की खाड़ी में अटका हुआ है, उनके साथ 33 क्रू मेंबर भी हैं। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण वे 2 मार्च से वहीं फंसे हैं। ड्रोन और मिसाइल उनके जहाज के ऊपर उड़ रहे हैं। मैं बहुत डरी हुई हूं और लगातार प्रार्थना कर रही हूं कि वे सुरक्षित घर लौट आएं।"

निल्पा ने सरकार से अपील की है कि जल्दी से जल्दी सभी भारतीय नाविकों और जहाजों को सुरक्षित वतन वापस लाया जाए।

उन्होंने आगे कहा, "कंपनी उन्हें सपोर्ट कर रही है और 2 महीने का खाना उपलब्ध कराया है। लेकिन जब तक स्ट्रेट नहीं खुलेगा, कोई निकल नहीं पाएगा। वहां 200-250 जहाज अटके हैं। जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक डर का माहौल बना रहेगा। मेरी सरकार से विनती है कि सभी को सुरक्षित वापस लाया जाए।"

कैप्टन विश्वकर्मा का जहाज कतर से एलपीजी लेकर भारत आ रहा था, लेकिन संघर्ष बढ़ने के बाद उसे आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

क्षेत्र में अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिससे वैश्विक शिपिंग प्रभावित हुई है। भारत सरकार स्थिति पर नजर रख रही है।

सूत्रों के अनुसार, ईरान ने भारतीय झंडे वाले टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है और कुछ जहाज पहले ही गुजर चुके हैं। भारत ने ईरान के साथ राजनयिक बातचीत की है ताकि भारतीय जहाजों और नाविकों को सुरक्षित निकाला जा सके।

Point of View

जो न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। सरकार को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सभी भारतीय नाविक सुरक्षित लौट सकें।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

कैप्टन वीरेंद्र विश्वकर्मा कहां फंसे हुए हैं?
वे संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह में मीना सकर बंदरगाह के पास फंसे हैं।
कैप्टन विश्वकर्मा के साथ कितने क्रू मेंबर हैं?
उनके साथ 33 क्रू मेंबर हैं।
निल्पा विश्वकर्मा ने सरकार से क्या अपील की है?
उन्होंने सरकार से सभी भारतीय नाविकों और जहाजों को सुरक्षित वापस लाने की अपील की है।
क्या ईरान ने भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है?
हाँ, ईरान ने भारतीय झंडे वाले टैंकरों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी है।
कैप्टन विश्वकर्मा का जहाज किस दिशा में जा रहा था?
उनका जहाज कतर से एलपीजी लेकर भारत आ रहा था।
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