क्या सीबीआई ने सिम कार्डों की अवैध बिक्री के आरोप में टीएसपी के सेल्स मैनेजर को गिरफ्तार किया?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ऑपरेशन चक्र-वी के तहत संगठित साइबर अपराध के तकनीकी आधार को ध्वस्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीबीआई ने एक मामले में एक दूरसंचार सेवा प्रदाता (टीएसपी) के एरिया सेल्स मैनेजर को गिरफ्तार किया है।
दिसंबर 2025 में सीबीआई ने एनसीआर/चंडीगढ़ से संचालित एक संगठित फिशिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया था, जो भारतीय नागरिकों को निशाना बनाने वाले विदेशी तत्वों सहित साइबर अपराधियों को बल्क एसएमएस सेवाएं प्रदान कर रहा था।
आरोपियों ने साइबर अपराधियों द्वारा फिशिंग संदेश भेजने के लिए प्रयोग किए जाने वाले बल्क एसएमएस के प्रसारण को सुविधाजनक बनाने के लिए दूरसंचार विभाग के नियमों का उल्लंघन करते हुए लगभग 21,000 सिम कार्ड प्राप्त किए थे।
टीएसपी के एक चैनल पार्टनर सहित तीन लोगों को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच के दौरान एक टीएसपी अधिकारी की भूमिका उजागर हुई। एरिया सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत यह अधिकारी बड़ी संख्या में फर्जी सिम कार्ड जारी करने में सक्रिय रूप से शामिल था।
उसने फर्जी व्यक्तियों को लॉर्ड महावीर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी बताकर उनके दस्तावेज़ जमा करवाए और केवाईसी की औपचारिकताएं पूरी करवाईं। यह भी पता चला कि बेंगलुरु में रहने वाले एक परिवार के सदस्य भी उन लोगों में शामिल थे, जिन्हें अधिकारी ने आरोपी कंपनी के कर्मचारी के रूप में दिखाया था।
इन व्यक्तियों के आधार कार्ड की प्रतियां उक्त अधिकारी के पास से बरामद की गईं। इन फर्जी तरीकों से प्राप्त सिम कार्डों का इस्तेमाल बाद में फिशिंग नेटवर्क को चलाने के लिए किया गया, जिसका खुलासा जांच के दौरान हुआ।
सीबीआई संगठित साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे अपराधों को सक्षम बनाने वाले तकनीकी ढांचे को लक्षित कर रही है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ निकट समन्वय में काम करना जारी रखेगी कि अपराधियों को कानून के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जाए।