सीबीआई रेड पर भगवंत मान का पलटवार — 'भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 6 अक्टूबर 2026 को अपने चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की कथित रेड के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। मान ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा सीबीआई का उपयोग उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए किया जाएगा।
मान का एक्स पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। सीबीआई ने मेरे कैंप ऑफिस पर रेड मारी।' उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता से मिल रहे व्यापक समर्थन को देखकर भाजपा घबरा गई है और अब केंद्रीय एजेंसियों के ज़रिये राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।
मान ने यह भी कहा कि आने वाले समय में ईडी और सीबीआई का 'गलत इस्तेमाल' किया जाएगा ताकि पंजाब सरकार और उन्हें बदनाम किया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पहले से ही न्यायिक मोर्चे पर दबाव में है।
मुख्य कानूनी पृष्ठभूमि
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक दिन पूर्व एक महत्वपूर्ण आदेश में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुमन और उनके सहयोगियों नितिन गोहल तथा बीर देविंदर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच सीबीआई को सौंप दी। कोर्ट ने सीबीआई को मामले में एफआईआर दर्ज करने और दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
ईडी ने अपने पत्रों में आरोप लगाया था कि ये तीनों व्यक्ति कथित तौर पर प्रशासनिक तबादलों, पोस्टिंग और सरकारी टेंडरों में हस्तक्षेप कर रहे थे तथा एफआईआर दर्ज करने की माँग की थी। अधिवक्ता निखिल सराफ ने पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर न दर्ज करने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें स्वतंत्र जाँच और कथित मनी ट्रेल की जाँच की माँग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में पंजाब सरकार की याचिका
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पंजाब के गृह विभाग के माध्यम से दाखिल विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) डायरी नंबर 62464/2026 के तहत दर्ज की गई है और फिलहाल लंबित है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सीबीआई को जाँच के दौरान पंजाब सरकार और पुलिस से पूर्ण सहयोग लेने का निर्देश दिया है। साथ ही राज्य सरकार और पुलिस को सभी आवश्यक अभिलेख जाँच एजेंसी को उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
भाजपा की पलटवार — इस्तीफे की माँग
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए मान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाली सरकार की 'वास्तविकता' अब उजागर हो गई है।
ढिल्लों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की माँग करते हुए कहा कि सरकार ने सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ईडी के तीन पत्रों के बावजूद पंजाब पुलिस ने एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की और सीबीआई से निष्पक्ष व पारदर्शी जाँच की उम्मीद जताई।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय उभरा है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की चर्चाएँ राजनीतिक गलियारों में तेज होने लगी हैं। सुप्रीम कोर्ट में दायर एसएलपी पर सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है, और सीबीआई को हाईकोर्ट के निर्देश पर जाँच आगे बढ़ानी है। मान सरकार और भाजपा के बीच यह टकराव आने वाले महीनों में और तीखा होने की संभावना है।