CBI रेड पर भगवंत मान का पलटवार: BJP जांच एजेंसियों से चला रही पंजाब में चुनावी अभियान
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 8 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में अपने कैंप ऑफिस पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तलाशी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP जांच एजेंसियों को अपने चुनावी हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है और यह रेड इस बात का संकेत है कि पंजाब विधानसभा चुनाव समय पर होंगे।
मुख्यमंत्री के प्रमुख आरोप
मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, 'मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस में CBI की तलाशी का मतलब है कि पंजाब विधानसभा चुनाव समय पर होंगे। BJP ने पंजाब में चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है और CBI के ज़रिए अपना चुनावी अभियान शुरू करने का फैसला किया है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि चाहे कितनी भी रेड क्यों न पड़े, आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का 'एक रुपया' भी नहीं मिलेगा।
पिछले चुनावों से जोड़ा तुलनात्मक संदर्भ
मान ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में चुनावों से पहले हुई इसी तरह की छापेमारी का हवाला देते हुए कहा कि यह कोई नई रणनीति नहीं है। उनके अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसियों के ज़रिए डर का माहौल बनाकर चुनी हुई सरकारों की छवि खराब करने की कोशिश की जाती है। गौरतलब है कि विपक्ष-शासित राज्यों में CBI व प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाइयों पर यह बहस वर्षों से राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय रही है।
AAP सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार न तो इन कार्रवाइयों से डरेगी और न ही पंजाब के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से विचलित होगी। उन्होंने कहा, 'हम पंजाब को लूटने के लिए नहीं, बल्कि पंजाबियों की सेवा करने के लिए राजनीति में आए हैं।' उन्होंने अपनी सरकार की प्राथमिकताएँ गिनाईं — रोज़गार सृजन, सार्वजनिक सेवाओं को मज़बूत करना और राज्य को विकास की राह पर वापस लाना।
जनता के समर्थन का दावा
मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने डर और धमकी पर आधारित राजनीति को बार-बार नकारा है। उनके शब्दों में, 'वे छापे मार सकते हैं, एजेंसियों को भेज सकते हैं और दबाव बना सकते हैं, लेकिन पंजाबियों के दिलों में छापेमारी नहीं कर सकते।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
CBI की इस कार्रवाई और मुख्यमंत्री की तीखी प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि पंजाब में केंद्र-राज्य टकराव और तेज़ होगा। AAP और BJP दोनों के लिए यह चुनाव पूर्व ध्रुवीकरण का अवसर बन सकता है। आने वाले हफ्तों में BJP की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया राजनीतिक समीकरणों को और स्पष्ट करेगी।