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सीबीआई की 12 घंटे की छापेमारी में कुछ नहीं मिला: CM भगवंत मान का BJP पर पलटवार

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सीबीआई की 12 घंटे की छापेमारी में कुछ नहीं मिला: CM भगवंत मान का BJP पर पलटवार

सारांश

पंजाब में 12 घंटे चली CBI छापेमारी के बाद CM भगवंत मान ने BJP पर सीधा हमला बोला — 'खाली हाथ लौटी टीम, ईमानदारी का सबूत है।' मान ने इसे चुनाव पूर्व डराने की साजिश बताया और दिल्ली-छत्तीसगढ़ के उदाहरण देकर केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का पैटर्न उजागर किया।

मुख्य बातें

CM भगवंत मान ने 7 अक्टूबर 2026 को CBI की 12 घंटे लंबी छापेमारी के बाद BJP पर पलटवार किया।
मान का दावा — CBI टीमें व्यापक तलाशी के बावजूद कुछ भी बरामद नहीं कर सकीं और खाली हाथ लौट गईं।
मान ने छापेमारी को आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया।
उन्होंने दिल्ली , छत्तीसगढ़ , हरियाणा और पश्चिम बंगाल में चुनाव पूर्व केंद्रीय एजेंसी सक्रियता का हवाला दिया।
मान ने कहा कि यह कार्रवाई उनके परिवार और AAP सरकार के कामकाज को बदनाम करने का प्रयास है।
CBI की ओर से छापेमारी पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की 12 घंटे तक चली छापेमारी के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार पलटवार किया। मान ने दावा किया कि व्यापक तलाशी के बावजूद CBI की टीमें कुछ भी बरामद नहीं कर सकीं और खाली हाथ लौट गईं। उन्होंने इसे पंजाब सरकार की ईमानदारी का प्रमाण बताया।

मुख्यमंत्री का सीधा बयान

संगरूर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, 'हम कहीं नहीं जाने वाले हैं। हम केंद्रीय एजेंसियों का सामना करेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो वे और न ही पंजाब सरकार इस तरह की कार्रवाई से भयभीत होने वाले हैं।

मान ने कहा कि वे पंजाब की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं, न कि पैसा कमाने के लिए। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि वह एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को डराने और उनकी छवि खराब करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का उपकरण की तरह इस्तेमाल कर रही है।

चुनावी पैटर्न का आरोप

मुख्यमंत्री ने CBI छापेमारी के समय को 'बेहद महत्वपूर्ण' करार देते हुए कहा कि यह आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। उन्होंने कहा, 'जब भी चुनाव नज़दीक आते हैं, उन राज्यों में एक जैसा पैटर्न देखने को मिलता है जहाँ BJP को राजनीतिक चुनौती मिलती है।'

मान ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया था। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी चुनाव निकट आते ही केंद्रीय एजेंसियाँ अचानक सक्रिय हो जाती हैं।

परिवार और सरकार को बदनाम करने का आरोप

मान ने कहा कि यह कार्रवाई केवल उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कामकाज को भी बदनाम करने का प्रयास है। उन्होंने कहा, 'यह मुझे, मेरे परिवार और हमारी सरकार के कामकाज को बदनाम करने की कोशिश है, लेकिन इस तरह की साजिशें हमें पंजाब के लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं।'

उन्होंने BJP की इस कार्रवाई को 'निरर्थक और हताश प्रयास' बताया और कहा कि पंजाबी जनता धमकियों या दबाव की राजनीति से डरने वाली नहीं है।

CBI छापेमारी का संदर्भ

गौरतलब है कि यह कथित CBI छापेमारी 12 घंटे तक चली, जो स्वयं असामान्य रूप से लंबी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री मान के अनुसार, 'पंजाब में छापेमारी करने आई टीमें खाली हाथ लौट चुकी हैं — वे एक उद्देश्य लेकर आई थीं, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला।' यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP और BJP के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।

यह भी उल्लेखनीय है कि CBI की ओर से इस छापेमारी पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है, और मान के दावे उनके अपने दृष्टिकोण पर आधारित हैं। आने वाले दिनों में यह मामला पंजाब की राजनीति में और अधिक गर्म होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि CBI छापेमारी की प्रकृति और आधार क्या था — जिसका जवाब न तो केंद्र सरकार ने दिया है और न ही CBI ने। 'खाली हाथ लौटी' की कहानी केवल मान के दृष्टिकोण से आई है; जब तक CBI या अदालत का पक्ष सामने नहीं आता, दोनों दावों को संतुलित नज़रिये से देखना ज़रूरी है। यह भी उल्लेखनीय है कि विपक्षी-शासित राज्यों में केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता को लेकर सर्वोच्च न्यायालय खुद कई बार टिप्पणी कर चुका है — जो मान के 'पैटर्न' वाले तर्क को पूरी तरह खारिज करना मुश्किल बनाता है।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBI ने पंजाब में छापेमारी क्यों की?
CBI की इस छापेमारी के आधिकारिक कारणों का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। CM भगवंत मान के अनुसार, यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से की गई, लेकिन CBI ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
भगवंत मान ने CBI छापेमारी पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि 12 घंटे चली छापेमारी में CBI को कुछ भी नहीं मिला और टीमें खाली हाथ लौट गईं। उन्होंने इसे पंजाब सरकार की ईमानदारी का प्रमाण बताया और BJP पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
क्या पहले भी विपक्षी राज्यों में इस तरह की छापेमारी हुई है?
CM मान ने दिल्ली, छत्तीसगढ़, हरियाणा और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियाँ विपक्षी राज्यों में अचानक सक्रिय हो जाती हैं। दिल्ली चुनाव से पहले AAP नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी का उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया।
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव कब हैं?
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होने की संभावना है। CM मान का कहना है कि CBI छापेमारी का समय इन चुनावों की तैयारी और राजनीतिक दबाव की रणनीति से जुड़ा हुआ है।
इस छापेमारी से AAP और BJP के बीच टकराव पर क्या असर पड़ेगा?
इस घटना के बाद AAP और BJP के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ने की संभावना है। मान ने स्पष्ट किया है कि वे और उनकी सरकार इस तरह की कार्रवाइयों से नहीं डरेंगे और हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।
राष्ट्र प्रेस
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