सीबीआई की 12 घंटे की छापेमारी में कुछ नहीं मिला: CM भगवंत मान का BJP पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की 12 घंटे तक चली छापेमारी के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जोरदार पलटवार किया। मान ने दावा किया कि व्यापक तलाशी के बावजूद CBI की टीमें कुछ भी बरामद नहीं कर सकीं और खाली हाथ लौट गईं। उन्होंने इसे पंजाब सरकार की ईमानदारी का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री का सीधा बयान
संगरूर में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा, 'हम कहीं नहीं जाने वाले हैं। हम केंद्रीय एजेंसियों का सामना करेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो वे और न ही पंजाब सरकार इस तरह की कार्रवाई से भयभीत होने वाले हैं।
मान ने कहा कि वे पंजाब की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं, न कि पैसा कमाने के लिए। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि वह एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को डराने और उनकी छवि खराब करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का उपकरण की तरह इस्तेमाल कर रही है।
चुनावी पैटर्न का आरोप
मुख्यमंत्री ने CBI छापेमारी के समय को 'बेहद महत्वपूर्ण' करार देते हुए कहा कि यह आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। उन्होंने कहा, 'जब भी चुनाव नज़दीक आते हैं, उन राज्यों में एक जैसा पैटर्न देखने को मिलता है जहाँ BJP को राजनीतिक चुनौती मिलती है।'
मान ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया था। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी चुनाव निकट आते ही केंद्रीय एजेंसियाँ अचानक सक्रिय हो जाती हैं।
परिवार और सरकार को बदनाम करने का आरोप
मान ने कहा कि यह कार्रवाई केवल उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कामकाज को भी बदनाम करने का प्रयास है। उन्होंने कहा, 'यह मुझे, मेरे परिवार और हमारी सरकार के कामकाज को बदनाम करने की कोशिश है, लेकिन इस तरह की साजिशें हमें पंजाब के लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं।'
उन्होंने BJP की इस कार्रवाई को 'निरर्थक और हताश प्रयास' बताया और कहा कि पंजाबी जनता धमकियों या दबाव की राजनीति से डरने वाली नहीं है।
CBI छापेमारी का संदर्भ
गौरतलब है कि यह कथित CBI छापेमारी 12 घंटे तक चली, जो स्वयं असामान्य रूप से लंबी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री मान के अनुसार, 'पंजाब में छापेमारी करने आई टीमें खाली हाथ लौट चुकी हैं — वे एक उद्देश्य लेकर आई थीं, लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला।' यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP और BJP के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही चरम पर है।
यह भी उल्लेखनीय है कि CBI की ओर से इस छापेमारी पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है, और मान के दावे उनके अपने दृष्टिकोण पर आधारित हैं। आने वाले दिनों में यह मामला पंजाब की राजनीति में और अधिक गर्म होने की संभावना है।