AAP विधायक के घर छापे पर पंजाब CM भगवंत मान का पलटवार: 'BJP जितनी चाहे छापेमारी करे, हम नहीं रुकेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार, 4 नवंबर 2026 को केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) नेताओं के खिलाफ की जा रही बार-बार की छापेमारी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दबाव या राजनीतिक प्रतिशोध से AAP सरकार का पंजाब की जनता के लिए काम करने का संकल्प कमज़ोर नहीं होगा।
छापेमारी का तात्कालिक संदर्भ
यह बयान AAP विधायक अमनदीप कौर के आवास पर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की गई छापेमारी की पृष्ठभूमि में आया। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि BJP केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है और असहमति की हर आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, 'इन नेताओं के खिलाफ कुछ भी नहीं मिलेगा, क्योंकि ये ईमानदारी और पूरी लगन से जनसेवा में जुटे हैं।'
मान का BJP पर सीधा हमला
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री मान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल 'राजनीतिक हथियार' के रूप में कर रही है — विपक्षी नेताओं को डराने और अपनी नीतियों पर सवाल उठाने वालों की आवाज़ दबाने के लिए। उन्होंने कहा, 'ये एजेंसियाँ अपने राजनीतिक आकाओं के इशारे पर छापेमारी करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन उन्हें AAP नेताओं के खिलाफ कुछ भी हाथ नहीं लगेगा।'
गौरतलब है कि केंद्रीय एजेंसियों के 'राजनीतिक दुरुपयोग' का आरोप AAP की ओर से पहले भी लगाया जाता रहा है — दिल्ली सरकार के कई नेताओं की गिरफ्तारियों के बाद यह आरोप और तेज़ हुआ है।
पंजाब के विकास एजेंडे पर असर नहीं: मान
मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि डराने-धमकाने, राजनीतिक प्रतिशोध और साजिशों से न तो AAP कमज़ोर होगी और न ही पंजाब के विकास के एजेंडे पर कोई असर पड़ेगा। उन्होंने कहा, 'पंजाब की जनता ने हमें बदलाव और विकास के लिए जनादेश दिया है — कोई भी राजनीतिक दबाव इस मिशन को पटरी से नहीं उतार सकता।'
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक हिसाब-किताब बराबर करने के लिए जांच एजेंसियों का उपयोग करने के बजाय, देश की जनता की वास्तविक समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान दिया जाए।
लोकतंत्र और विधायकों की ज़िम्मेदारी पर बयान
राजनीतिक रैलियों से जुड़े एक सवाल के जवाब में सीएम मान ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सभी राजनीतिक दलों के नेता रैलियाँ आयोजित करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र विचारों की अभिव्यक्ति और राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी से मज़बूत होता है।'
विधायकों की ज़िम्मेदारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि केवल चुनाव जीत जाना पर्याप्त नहीं है — चुने गए प्रतिनिधियों को अपनी पार्टी के सिद्धांतों का पालन करना और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय योगदान देना भी उतना ही ज़रूरी है।
आगे क्या होगा
यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब केंद्र और विपक्ष-शासित राज्यों के बीच संवैधानिक अधिकारों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। AAP के रुख को देखते हुए यह मामला आने वाले दिनों में और राजनीतिक गर्माहट पैदा कर सकता है, विशेषकर तब जब पंजाब में AAP का राजनीतिक आधार मज़बूत करने की कोशिशें जारी हैं।