भगवंत मान के OSD पर CBI छापे के बाद विपक्ष का हमला: 'पंजाब के खजाने की हुई लूट'
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी (OSD) के आवास पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी के बाद विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखे हमले किए। 7 अक्टूबर 2026 को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC), शिरोमणि अकाली दल (SAD) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेताओं ने एक सुर में कहा कि पंजाब में राज्य के खजाने की बड़े पैमाने पर लूट हुई है। यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI द्वारा छह लोगों के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर की गई।
मुख्य घटनाक्रम
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राज कुमार वेरका ने कहा, "हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पंजाब में बड़े पैमाने पर राज्य के खजाने की लूट हुई है।" उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली से 100 से 150 लोगों को पंजाब के सरकारी दफ्तरों में बैठाकर खजाने की लूट कराई।
वेरका ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार ने 'राजधर्म' नहीं बल्कि 'राजनीतिक धर्म' का पालन किया, जिसे हाई कोर्ट ने भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा, "कानून को अपना काम करने देना चाहिए।"
कांग्रेस के आरोप
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने AAP सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कथित तौर पर दावा किया कि जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापा मारा तो मोहाली की एक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग से ₹21 लाख नकद नीचे फेंका गया था। उन्होंने कहा, "यह तो दलाली का धंधा है, बहुत ही ज्यादा करप्शन है।"
अमर सिंह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा भाजपा पर आरोप लगाना उचित नहीं है क्योंकि "पंजाब को दिल्ली वाले चला रहे हैं।" उनके अनुसार, केजरीवाल की टीम सीधे दफ्तरों में बैठकर सरकार चला रही है।
कांग्रेस नेता उदित राज ने भी AAP पर निशाना साधा। हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि "इससे भी कहीं ज्यादा लूट भाजपा के राज्यों में हो रही है, तो ED, CBI वहाँ क्यों नहीं जाती? एकतरफा कार्रवाई विपक्ष के खिलाफ हो रही है।"
हाई कोर्ट और अकाली दल की प्रतिक्रिया
शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने अपने विस्तृत आदेश में लिखा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में उनके OSD समेत कई लोगों ने IAS और PCS अधिकारियों के तबादलों में करोड़ों रुपये की धाँधली की तथा सस्ती ज़मीन बेचकर भी करोड़ों की हेराफेरी की। कलेर ने तंज किया, "अपने आपको ईमानदार बताने वालों की बेईमानी पंजाब के लोगों के सामने आ गई है।"
JMM का राजनीतिक कोण
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता मनोज पांडेय ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक रंग देते हुए कहा कि "चुनाव नजदीक आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की टूल किट एजेंसियाँ सक्रिय हो जाती हैं।" उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों पर दबाव डालकर सरकार काम करवा रही है और एक दिन यही अधिकारी भाजपा नेताओं पर कार्रवाई करेंगे।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह छापेमारी पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के सीधे निर्देश पर हुई है, जो इसे साधारण राजनीतिक कार्रवाई से अलग बनाती है। CBI द्वारा दर्ज एफआईआर और हाई कोर्ट की सक्रिय निगरानी के बीच इस मामले की जाँच आगे बढ़ने की संभावना है। विभिन्न दलों की तीखी प्रतिक्रियाएँ संकेत देती हैं कि पंजाब में आगामी राजनीतिक माहौल और गर्म होगा।