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सीबीआई छापे पर AAP का पलटवार: बरिंदर गोयल बोले — पंजाब के लोग नहीं डरते, भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं

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सीबीआई छापे पर AAP का पलटवार: बरिंदर गोयल बोले — पंजाब के लोग नहीं डरते, भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं

सारांश

मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस में CBI की छापेमारी के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। AAP मंत्री बरिंदर गोयल ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा — 117 में से 95 विधायक मान के साथ हैं, पंजाब की जनता डरने वाली नहीं।

मुख्य बातें

CBI ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कैंप ऑफिस में 6 अक्टूबर 2026 को छापेमारी की।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल करती है।
117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में 95 विधायक मुख्यमंत्री मान के समर्थन में बताए गए।
गोयल ने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।
AAP ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार ने 50 वर्षों में न हो सके काम किए हैं और विपक्ष की कार्रवाइयाँ राजनीतिक बौखलाहट का परिणाम हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कैंप ऑफिस में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की छापेमारी के बाद 6 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी संग्राम तीखा हो गया। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब के कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आरोप लगाया कि जहाँ भी चुनाव नज़दीक आते हैं, भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक ज़मीन तैयार करने के लिए करती है। गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब की जनता इस तरह की कार्रवाइयों से न डरती है, न झुकती है।

भाजपा पर 'पुराना इतिहास दोहराने' का आरोप

कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि भाजपा पंजाब में अपना पुराना इतिहास दोहरा रही है। उनके अनुसार, चुनाव से पहले CBI और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को भेजने का एकमात्र मकसद राजनीतिक वातावरण बनाना है, न कि कोई वास्तविक जाँच। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भाजपा की स्थिति इतनी कमज़ोर है कि उसे न पर्याप्त उम्मीदवार मिल रहे हैं और न ही जनता का समर्थन। गोयल के अनुसार, भाजपा ने पंजाब, पंजाबी जनता और किसानों के हितों के विरुद्ध काम किया है, इसीलिए प्रदेश की जनता उसकी राजनीति को नकार रही है।

117 में से 95 विधायक मुख्यमंत्री के साथ

गोयल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की राजनीतिक मज़बूती का हवाला देते हुए कहा कि 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में 95 विधायक मुख्यमंत्री के साथ खड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बहुमत वाली सरकार के कार्यालय में छापेमारी के ज़रिए आखिर किसे क्या संदेश देने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना था कि पंजाब की जनता हर राजनीतिक घटनाक्रम को समझती है और इसका जवाब आगामी चुनाव में देगी।

चुनाव आयोग पर भी उठे सवाल

गोयल ने इस अवसर पर चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बंगाल और बिहार के चुनावों के दौरान मतदान को लेकर उठे विवादों का जिक्र करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। गोयल ने तर्क दिया कि यदि चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी तय नहीं होती, तो पंजाब के मुख्यमंत्री के कार्यालय पर CBI की कार्रवाई का औचित्य समझ से परे है। उनके अनुसार, इस पूरे प्रकरण से भारत की लोकतांत्रिक छवि को नुकसान पहुँचता है।

भाजपा को खुली चुनौती

कैबिनेट मंत्री ने भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसे राजनीति करनी है, तो जनता के बीच जाकर अपने कार्यकाल का हिसाब दे। उन्होंने कहा कि भाजपा केंद्र और पंजाब दोनों जगह सत्ता में रह चुकी है, इसलिए जनता उससे पूछना चाहती है कि उसने किया क्या। गोयल ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार ने वे काम किए हैं जो पिछले 50 वर्षों में कोई सरकार नहीं कर सकी और मौजूदा कार्रवाइयाँ इसी राजनीतिक बौखलाहट का नतीजा हैं।

आगे क्या होगा

यह टकराव ऐसे समय में उभरा है जब पंजाब में अगले चुनावी चक्र की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं। AAP इस मुद्दे को 'केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग' के रूप में जनता के बीच ले जाने की रणनीति पर काम कर रही है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों पक्षों का यह टकराव आने वाले महीनों में और तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

झारखंड और तेलंगाना में विपक्षी सरकारों के दौरान भी उठी थी। असली सवाल यह है कि CBI की इस कार्रवाई का समय क्यों चुना गया और क्या जाँच के ठोस आधार सार्वजनिक किए जाएँगे। AAP की 95-विधायक की ताकत का दावा राजनीतिक बचाव के रूप में प्रभावशाली लग सकता है, लेकिन संख्याबल जाँच की वैधता या अवैधता का पैमाना नहीं है। जब तक दोनों पक्ष तथ्य सामने नहीं रखते, यह पूरा प्रकरण सत्ता-संघर्ष की कथा बनी रहेगी — और पंजाब की जनता को असली जवाब नहीं मिलेगा।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CBI ने भगवंत मान के कैंप ऑफिस में छापा क्यों मारा?
रिपोर्टों के अनुसार CBI ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कैंप ऑफिस में 6 अक्टूबर 2026 को छापेमारी की। हालाँकि छापेमारी के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी तक नहीं हुआ है।
AAP मंत्री बरिंदर गोयल ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आरोप लगाया कि भाजपा जहाँ भी चुनाव नज़दीक होते हैं, वहाँ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक माहौल बनाने के लिए करती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा के पास न उम्मीदवार हैं, न जनसमर्थन।
पंजाब विधानसभा में भगवंत मान को कितने विधायकों का समर्थन है?
AAP के अनुसार 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में 95 विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ हैं। यह दावा AAP मंत्री बरिंदर गोयल ने CBI छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया में किया।
गोयल ने चुनाव आयोग के खिलाफ क्या माँग की?
गोयल ने बंगाल और बिहार के चुनावों के दौरान मतदान विवादों का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्क्रियता से भारत की लोकतांत्रिक छवि को नुकसान पहुँचा है।
AAP का कहना है कि भगवंत मान सरकार ने क्या उपलब्धियाँ हासिल की हैं?
AAP मंत्री गोयल ने दावा किया कि भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वे काम किए हैं जो पिछले 50 वर्षों में कोई सरकार नहीं कर सकी। हालाँकि उन्होंने किसी विशेष योजना या आँकड़े का उल्लेख नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
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