केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों की सब्सिडी बढ़ाने और जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दी

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केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों की सब्सिडी बढ़ाने और जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दी

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, जिसमें सब्सिडी बढ़ाना और जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी देना शामिल है। ये कदम भारत के विकास में नए आयाम जोड़ेंगे।

Key Takeaways

  • किसानों के लिए सब्सिडी बढ़ाई गई है।
  • अरुणाचल में जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी।
  • जयपुर मेट्रो का फेज-2 शुरू होगा।
  • सरकार का ध्यान स्वच्छ ऊर्जा पर।
  • ये फैसले विकास की नई गति देंगे।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों में किसानों के लाभ, स्वच्छ ऊर्जा के विकास और शहरी बुनियादी ढांचे को सशक्त करने पर विशेष ध्यान दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन निर्णयों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार हमेशा किसान भाई-बहनों के हित को प्राथमिकता देती है।

उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, "वैश्विक चुनौतियों के बावजूद किसान भाई-बहनों का हित हमेशा हमारी सरकार की प्राथमिकता रहा है। इसी दिशा में वर्ष 2026 के खरीफ सीजन के लिए न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (एनबीएस) को बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इससे अन्नदाताओं को पहले की तरह किफायती दरों पर उर्वरक मिलते रहेंगे।"

इस निर्णय से फॉस्फेटिक और पोटाशिक उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ेगी, जिससे खरीफ फसल के लिए डीएपी और अन्य उर्वरक सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे।

कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में दो बड़े जलविद्युत परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (1,720 मेगावाट) और कलाई-II जलविद्युत परियोजना (1,200 मेगावाट) शामिल हैं।

पीएम मोदी ने लिखा, "कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिलने से हम भारत के स्वच्छ ऊर्जा इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं और अरुणाचल प्रदेश में एकीकृत विकास को आगे बढ़ा रहे हैं।"

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में बताया, "पूर्वोत्तर में स्वच्छ ऊर्जा और विकास को बड़ा बढ़ावा। अरुणाचल प्रदेश में कलाई-II जलविद्युत परियोजना की मंजूरी से बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, सतत ऊर्जा का उत्पादन होगा और क्षेत्र में बुनियादी ढांचा व अवसर बढ़ेंगे।"

इन परियोजनाओं से हजारों मेगावाट स्वच्छ बिजली का उत्पादन होगा, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड मजबूत होगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-2) को मंजूरी दी गई। पीएम मोदी ने लिखा, "जयपुर एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के लिए तैयार है। जयपुर मेट्रो फेज-2 को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इससे कनेक्टिविटी बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी, और जीवन की सुगमता में सुधार आएगा।"

केंद्रीय कैबिनेट के ये निर्णय वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत को आत्मनिर्भर और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। किसानों को सस्ते उर्वरक उपलब्ध कराने से खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, जबकि जलविद्युत परियोजनाओं से नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्यों को बढ़ावा मिलेगा। जयपुर मेट्रो के विस्तार से राजस्थान की राजधानी में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

कैबिनेट के इन निर्णयों से देश के विभिन्न क्षेत्रों में विकास की नई गति आने की उम्मीद है। सरकार का फोकस किसान कल्याण, स्वच्छ ऊर्जा और बेहतर शहरी सुविधाओं पर केंद्रित है।

Point of View

बल्कि राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और शहरी विकास के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

किसानों के लिए सब्सिडी में क्या बदलाव हुआ है?
केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों के लिए न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (एनबीएस) को बढ़ाने की मंजूरी दी है, जिससे उर्वरक की कीमतें किफायती रहेंगी।
अरुणाचल प्रदेश में कौन सी जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है?
कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (1,720 मेगावाट) और कलाई-II जलविद्युत परियोजना (1,200 मेगावाट) को मंजूरी दी गई है।
जयपुर मेट्रो के फेज-2 से क्या लाभ होगा?
जयपुर मेट्रो के फेज-2 से कनेक्टिविटी बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी, और जीवन की सुगमता में सुधार आएगा।
इन फैसलों का राष्ट्रीय विकास पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
ये निर्णय भारत को आत्मनिर्भर और सतत विकास की दिशा में ले जाने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
सरकार की प्राथमिकता क्या है?
सरकार का फोकस किसान कल्याण, स्वच्छ ऊर्जा और बेहतर शहरी सुविधाओं पर केंद्रित है।
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