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क्या चंडीगढ़ एयरपोर्ट के पास पक्षी टकराव की घटनाएं रुकेंगी?

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क्या चंडीगढ़ एयरपोर्ट के पास पक्षी टकराव की घटनाएं रुकेंगी?

सारांश

चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने हवाई सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में पक्षियों के टकराव की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने पर चर्चा हुई। क्या ये उपाय सफल होंगे? जानें इस लेख में।

मुख्य बातें

पक्षियों के टकराव की घटनाओं को रोकने के लिए बैठक आयोजित की गई।
खुले में कचरा फेंकने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मांस की दुकानों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
अगली स्थिति समीक्षा बैठक १ नवंबर को होगी।

चंडीगढ़, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीएचआईएएल) ने हवाई सुरक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के आसपास पक्षियों के टकराव की बढ़ती घटनाओं को रोकना और इसके लिए ठोस उपाय निर्धारित करना था। इस जानकारी को सीएचआईएएल ने आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के माध्यम से साझा किया है।

इस उच्चस्तरीय बैठक में ट्राइसिटी के नगर निगमों, पुलिस प्रशासन, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि खुले में कचरा फेंकने, अवैध डंपिंग और मांस की दुकानों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों के कारण आसपास पक्षियों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिससे उड़ानों की सुरक्षा को खतरा है।

बैठक में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई कि इन स्थानों पर पक्षियों के झुंड अक्सर उड़ानों के टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान खतरनाक स्थितियां उत्पन्न कर देते हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल विमानों के इंजन और उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, बल्कि यात्रियों के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं।

बैठक में अब तक किए गए उपायों की समीक्षा की गई। एयरपोर्ट के आस-पास की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और खुले में कचरा फेंकने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम को ऐसे स्थानों की पहचान कर तुरंत सफाई और मलबा हटाने का आदेश दिया गया है।

एयरपोर्ट के निकट स्थित मांस की दुकानों और स्लॉटर पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने इन दुकानों से निकलने वाले अपशिष्ट को सुरक्षित तरीके से निपटाने के लिए कड़े मानक तय करने की बात कही है ताकि गिद्धों और अन्य पक्षियों को वहां आकर्षित होने से रोका जा सके।

बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के अधिकारियों ने हवाई क्षेत्र में पक्षियों की गतिविधियों को ट्रैक करने और रिपोर्ट साझा करने के लिए एक संयुक्त मैकेनिज्म तैयार करने का सुझाव दिया।

बैठक के अंत में तय किया गया कि अगली स्थिति समीक्षा बैठक १ नवंबर को आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता सांसद मनीष तिवारी और मलविंदर सिंह कांग करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडीगढ़ एयरपोर्ट के पास पक्षी टकराव की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
खुले में कचरा फेंकने और मांस की दुकानों से निकलने वाले अपशिष्ट के कारण पक्षियों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
इस बैठक में किन अधिकारियों ने भाग लिया?
इस उच्चस्तरीय बैठक में ट्राइसिटी के नगर निगमों, पुलिस प्रशासन, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
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