क्या चंडीगढ़ में पेट डॉग्स पर सख्ती हो गई है?

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क्या चंडीगढ़ में पेट डॉग्स पर सख्ती हो गई है?

सारांश

चंडीगढ़ प्रशासन ने पालतू और समुदाय कुत्तों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इसमें खतरनाक नस्लों पर बैन, रजिस्ट्रेशन अनिवार्यता और उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान है। जानिए कैसे ये नियम शहर को सुरक्षित बनाएंगे।

मुख्य बातें

चंडीगढ़ में पालतू कुत्तों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।
खतरनाक नस्लों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है।
कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है।
उल्लंघन पर भारी जुर्माना या कुत्ता जब्त किया जा सकता है।
सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों की एंट्री प्रतिबंधित है।

चंडीगढ़, 30 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। चंडीगढ़ प्रशासन ने पालतू और समुदाय के कुत्तों के लिए नए बायलॉज जारी किए हैं। शहर को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नगर निगम ने ये नियम बनाए हैं। अब कुत्ता रखने वालों को रजिस्ट्रेशन, नस्ल, संख्या और व्यवहार के सख्त नियमों का पालन करना होगा और उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या कुत्ता जब्त करने तक की कार्रवाई हो सकती है।

नगर निगम ने अमेरिकन बुलडॉग, अमेरिकन पिटबुल, पिटबुल टेरियर, बुल टेरियर, केन कोरसो, डोगो अर्जेंटीनो और रॉटवीलर जैसी सात खतरनाक नस्लों को घर में रखने पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। अब से कोई व्यक्ति इन नस्लों का कुत्ता नहीं रख सकेगा। हालाँकि जिनके पास पहले से ये कुत्ते हैं, उन्हें छूट दी गई है बशर्ते वे 45 दिनों के अंदर इनका रजिस्ट्रेशन करा लें।

चंडीगढ़ नगर निगम में हर पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। कुत्ते का पंजीकरण शुल्क 500 रुपये रखा गया है, जबकि हर पांच साल बाद 50 रुपये नवीनीकरण शुल्क देना होगा। रजिस्टर्ड कुत्ते के गले में मेटल टोकन और पट्टा लगाना भी जरूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर नगर निगम कुत्ते को जब्त कर सकता है।

इसके अलावा अगर रजिस्टर्ड कुत्ता खुले में शौच करता है तो मालिक पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।

नगर निगम ने घर के आकार के अनुसार कुत्तों की अधिकतम संख्या भी तय कर दी है। पांच मरला तक के घर में सिर्फ एक कुत्ता रखा जा सकता है, लेकिन अगर पांच मरला के घर में तीन मंजिल हैं और हर मंजिल पर अलग परिवार रहता है, तो प्रत्येक परिवार एक-एक कुत्ता रख सकता है।

दस मरला तक के घर में दो कुत्ते, बारह मरला तक के घर में तीन कुत्ते और एक कनाल तक के घर में चार कुत्ते पाले जा सकते हैं। अलग-अलग मंजिलों पर रहने वाले हर परिवार को अपनी सीमा के अनुसार अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

कुत्ते के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर निगम की टीम घर जाकर सबूत जुटाएगी और शिकायत सही पाए जाने पर कुत्ता जब्त किया जा सकता है और मालिक पर एनिमल क्रुएल्टी एक्ट के तहत मुकदमा और जुर्माना लगाया जा सकता है।

प्रशासन ने शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी है। इनमें सुखना लेक, रोज गार्डन, शांति कुंज, लेजर वैली, मिनी रोज गार्डन, टेरेस गार्डन, शिवालिक गार्डन, बोटेनिकल गार्डन तथा नगर निगम द्वारा अधिसूचित सभी पार्क और सार्वजनिक जगहें शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि एक सकारात्मक दिशा में प्रयास है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सभी नस्लों के कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है?
हाँ, चंडीगढ़ में सभी पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
खतरनाक नस्लों की पहचान कैसे की जाएगी?
नगर निगम द्वारा निर्धारित सात खतरनाक नस्लों की पहचान की जाएगी।
क्या जुर्माना सिर्फ खुले में शौच करने पर है?
नहीं, रजिस्ट्रेशन न कराने पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।
कुत्तों की अधिकतम संख्या कैसे तय की जाएगी?
घर के आकार के अनुसार कुत्तों की संख्या निर्धारित की गई है।
क्या सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को ले जाना मना है?
हाँ, प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पालतू कुत्तों की एंट्री प्रतिबंधित है।
राष्ट्र प्रेस
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