चारधाम यात्रा सुरक्षा: एडीजी वी. मुरुगेशन ने गंगोत्री से गौमुख ट्रैक तक किया स्थलीय निरीक्षण
सारांश
मुख्य बातें
अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेशन ने 6 अक्टूबर 2026 को उत्तरकाशी जिले में चारधाम यात्रा और गौमुख ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की। उन्होंने गंगोत्री धाम से भोजवासा तक स्थलीय निरीक्षण करते हुए पुलिस तैनाती, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और निगरानी तंत्र का मूल्यांकन किया। यह निरीक्षण यात्रा सीज़न के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गंगोत्री धाम में निरीक्षण और निर्देश
एडीजी मुरुगेशन ने गंगोत्री धाम स्थित पुलिस चौकी का भौतिक निरीक्षण कर अभिलेखों और साफ-सफाई की स्थिति जाँची। उन्होंने धाम में तैनात पुलिस, फायर तथा एसडीआरएफ कर्मियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को व्यवस्थित एवं कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जाएँ तथा भीड़ और यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की चूक न हो।
भागीरथी नदी के घाटों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही धाम क्षेत्र और पार्किंग स्थलों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निरंतर निगरानी रखने को कहा गया। भीड़ बढ़ने की स्थिति में प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
भोजवासा पुलिस चौकी और जवानों का उत्साहवर्धन
गौमुख ट्रैक पर स्थित भोजवासा पुलिस चौकी के निरीक्षण के दौरान एडीजी ने दुर्गम और विषम परिस्थितियों में तैनात पुलिस कर्मियों के आवास, भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने जवानों की समस्याओं और ज़रूरतों की जानकारी ली तथा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में ड्यूटी कर रहे कर्मियों का मनोबल बढ़ाया।
गौरतलब है कि गौमुख ट्रैक अत्यंत दुर्गम और ऊँचाई वाला क्षेत्र है, जहाँ पुलिस कर्मियों की तैनाती चुनौतीपूर्ण होती है। यहाँ पर्यटकों और ट्रैकर्स की संख्या में वृद्धि के साथ सुरक्षा की ज़िम्मेदारी भी बढ़ जाती है।
ट्रैकर्स के पंजीकरण और आपातकालीन व्यवस्था पर जोर
एडीजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौमुख ट्रैक पर आने वाले प्रत्येक ट्रैकर, पर्यटक और तीर्थयात्री का पूरा विवरण निर्धारित रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए और उनके आवागमन की नियमित निगरानी रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति, दुर्घटना अथवा संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
यह ऐसे समय में आया है जब चारधाम यात्रा के दौरान हर वर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं और दुर्गम रास्तों पर दुर्घटनाओं की घटनाएँ सामने आती हैं। एकीकृत निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र इस लिहाज से विशेष महत्व रखते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का बयान
डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा, 'गंगोत्री धाम और गौमुख जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा, सुगम आवागमन तथा बेहतर पुलिस व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों को पूर्ण सजगता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया तथा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के साथ विनम्र व सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी
इस निरीक्षण दौरे में पुलिस उपाधीक्षक उत्तरकाशी जनक सिंह पंवार, प्रभारी निरीक्षक हर्षिल प्रदीप तोमर, प्रभारी चौकी गंगोत्री प्रमोद उनियाल तथा एसडीआरएफ के वीरेन्द्र पंवार सहित पुलिस और एसडीआरएफ के अनेक अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। आगामी दिनों में यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।