गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में 7.44 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन, चारधाम यात्रा 2025 जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तरकाशी जनपद स्थित श्री गंगोत्री धाम और श्री यमुनोत्री धाम में इस वर्ष की चारधाम यात्रा पूरे उत्साह और सुव्यवस्था के साथ जारी है। कपाट खुलने के बाद से देश-विदेश के श्रद्धालुओं का अनवरत आगमन हो रहा है, और 24 मई तक दोनों धामों में दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 7,44,379 पहुँच गई है। जिला प्रशासन की व्यापक तैयारियों के चलते यात्रा सुरक्षित, सुचारू और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है।
एक दिन में 36,186 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
रविवार को शाम 6:30 बजे तक दोनों धामों में एक ही दिन में कुल 36,186 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इनमें श्री यमुनोत्री धाम में 18,885 तथा श्री गंगोत्री धाम में 17,301 तीर्थयात्री शामिल रहे। यह आँकड़ा दर्शाता है कि श्रद्धालुओं का प्रवाह चारधाम यात्रा सत्र में बना हुआ है और दोनों धामों पर लगभग समान रूप से वितरित है।
यातायात प्रबंधन और वाहन संचालन
रविवार को दोनों धामों के लिए कुल 3,590 वाहनों का सुरक्षित आवागमन दर्ज किया गया, जिनमें 986 बड़े वाहन और 2,604 छोटे वाहन शामिल थे। यमुनोत्री धाम के लिए 1,940 तथा गंगोत्री धाम के लिए 1,650 वाहन रवाना हुए। चालू यात्रा सत्र में अब तक कुल 72,440 वाहनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशन में रूट प्रबंधन, ट्रैक व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाएँ और श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सेहत को प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और परीक्षण शिविर संचालित किए जा रहे हैं। रविवार को दोनों धामों में कुल 8,829 यात्रियों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई, जबकि 187 यात्रियों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
मार्गवार देखें तो यमुनोत्री मार्ग पर 5,868 और गंगोत्री मार्ग पर 2,961 यात्रियों की स्वास्थ्य जाँच हुई। चालू यात्रा सत्र में अब तक कुल 1,91,926 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और 16,601 यात्रियों का सफल स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। गौरतलब है कि उच्च ऊँचाई पर ऑक्सीजन की कमी और कठिन मौसम के कारण स्वास्थ्य निगरानी इस यात्रा का अनिवार्य हिस्सा है।
प्रशासन की व्यवस्थाएँ और निगरानी
जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्गों पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती के कारण यात्रा मार्गों पर व्यवस्थाएँ पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही हैं। यह ऐसे समय में विशेष महत्त्व रखता है जब उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून पूर्व मौसम अनिश्चित बना रहता है।
आगे की राह
यात्रा सत्र के आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि की संभावना है। प्रशासन का लक्ष्य यात्रा के शेष सत्र में भी इसी स्तर की सुव्यवस्था बनाए रखना है, ताकि हर श्रद्धालु सुरक्षित और सुखद तीर्थ-अनुभव लेकर लौट सके।