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क्या चौमूं में पत्थरबाजी की घटना के बाद प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन लिया?

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क्या चौमूं में पत्थरबाजी की घटना के बाद प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन लिया?

सारांश

चौमूं में पत्थरबाजी की घटना के बाद नगर परिषद ने अवैध निर्माण के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। जानिए इस कार्रवाई की पूरी कहानी और इसके पीछे की वजह।

मुख्य बातें

चौमूं में पत्थरबाजी की घटना ने प्रशासन को सक्रिय किया।
नगर परिषद ने अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू की।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
स्थानीय विवादों के कारण स्थिति तनावपूर्ण हुई।
प्रशासन ने अवैध दुकानों के खिलाफ कठोर कदम उठाए।

जयपुर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के चौमूं में पत्थरबाजी की घटना के एक सप्ताह बाद, नगर परिषद ने कठोर कदम उठाए हैं। शुक्रवार सुबह, नगर परिषद ने पुलिस सुरक्षा के सघन इंतजाम के बीच घटनास्थल के पास बुलडोजर कार्रवाई की।

चौमूं के पठान मोहल्ले में अवैध निर्माण के खिलाफ नगर परिषद ने कई लोगों को नोटिस जारी किए थे। इसमें अतिक्रमण हटाने और जवाब देने के लिए 31 दिसंबर तक का समय निर्धारित किया गया था। इसके दो दिन बाद, नगर परिषद की टीमें कई मशीनों के साथ मौके पर पहुंचकर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए डीसीपी हनुमान प्रसाद मीणा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। एसएचओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि यह नगर परिषद की कार्रवाई है, क्योंकि लोगों ने अवैध रूप से निर्माण किया था। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में शुक्रवार सुबह नगर परिषद ने अवैध निर्माण हटाने का कार्य शुरू किया। नगर परिषद ने पुलिस बल की मांग की थी, जिसके बाद एक टीम को यहां तैनात किया गया है।

ध्यान देने योग्य है कि 25 दिसंबर की रात को बस स्टैंड क्षेत्र में एक मस्जिद के पास सालों से पत्थर पड़े हुए थे। सहमति के बाद उन पत्थरों को हटाया गया था, लेकिन कुछ समय बाद एक पक्ष ने वहां लोहे की रेलिंग लगाने की कोशिश की। इसी को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था।

दो पक्षों के बीच लड़ाई के दौरान भारी पत्थरबाजी हुई, जिससे चौमूं क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। इस घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में अवैध निर्माण को चिह्नित करते हुए बिना अनुमति के संचालित दुकानों के खिलाफ नोटिस जारी किए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह कानून के शासन को भी मजबूत करता है। ऐसे मामलों में प्रशासन की तत्परता महत्वपूर्ण होती है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौमूं में पत्थरबाजी का कारण क्या था?
पत्थरबाजी का कारण दो पक्षों के बीच विवाद था जो अवैध निर्माण को लेकर उत्पन्न हुआ।
नगर परिषद ने किस प्रकार की कार्रवाई की?
नगर परिषद ने अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की और कई लोगों को नोटिस जारी किए।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए गए?
डीसीपी हनुमान प्रसाद मीणा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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