29 जुलाई 2026
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क्या चेन्नई में नौकरी के बदले रिश्वत घोटाला सच है? ईडी ने तमिलनाडु पुलिस को सौंपी 232 पन्नों की रिपोर्ट

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क्या चेन्नई में नौकरी के बदले रिश्वत घोटाला सच है? ईडी ने तमिलनाडु पुलिस को सौंपी 232 पन्नों की रिपोर्ट

सारांश

चेन्नई में एक बड़ा रिश्वत घोटाला सामने आया है, जहां 2,538 पदों पर भर्ती में ईडी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। क्या यह मामला सच है? जानिए इस घोटाले की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

ईडी ने 232 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है।
2,538 पदों पर भर्ती में घोटाला।
रिश्वत की राशि 25 से 35 लाख रुपए तक है।
जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी।
एमएडब्ल्यूएस के सचिव ने आरोपों को खारिज किया है।

चेन्नई, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु पुलिस को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इसमें राज्य के नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति (एमएडब्ल्यूएस) विभाग में 2,538 पदों पर भर्ती में बड़े घोटाले का आरोप लगाया गया है। यह घोटाला नौकरी के बदले पैसे से संबंधित है।

ईडी के अनुसार, प्रभावशाली राजनेताओं और उनके करीबी लोगों ने हर पद के लिए 25 से 35 लाख रुपए तक रिश्वत ली। यह धांधली 2024 के मध्य में हुई परीक्षा प्रक्रिया में की गई। इसके बाद अगस्त 2025 में कम से कम 150 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए।

ईडी ने पुलिस को 232 पन्नों का पूरा डोजियर सौंपा है। इसमें घोटाले की पूरी जानकारी है। प्रमुख लोगों के नाम, रिश्वत लेने का तरीका और बिचौलियों के जरिए पैसे वसूलने के सबूत शामिल हैं। ये सबूत ठोस दस्तावेजों पर आधारित हैं।

ईडी के मुताबिक, यह भर्ती प्रक्रिया 2024 की शुरुआत में शुरू हुई थी, तब करीब 1.12 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। परीक्षा में धांधली कर कुछ चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाया गया। नियुक्तियां अगस्त 2025 में भी हुईं, जो अब विवादों में हैं।

वहीं, एमएडब्ल्यूएस विभाग के सचिव ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि भर्ती पूरी तरह निष्पक्ष और बिना किसी गड़बड़ी के हुई। भर्ती प्रक्रिया हर तरह से विसंगतियों से रहित रही है। सभी नियमों का पालन किया गया है।

ईडी का कहना है कि यह मामला गंभीर है। रिश्वत के पैसे कहां गए, इसका पता लगाना जरूरी है। पुलिस अब इस डोजियर की जांच करेगी। इस मामले से जुड़े हर पहलू की जांच की जाएगी। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, अगर आरोप साबित हुए तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह न केवल नौकरी के अवसरों को प्रभावित करता है, बल्कि सरकारी संस्थाओं की विश्वसनीयता को भी कमजोर करता है। सभी आरोपों की गहन जांच होनी चाहिए और दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने किस विभाग में घोटाले का आरोप लगाया है?
ईडी ने नगर प्रशासन एवं जल आपूर्ति (एमएडब्ल्यूएस) विभाग में घोटाले का आरोप लगाया है।
इस घोटाले में कितने उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए?
अगस्त 2025 में कम से कम 150 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए।
राष्ट्र प्रेस
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