चेन्नई मेट्रो फेज-2 कॉरिडोर 4 का उद्घाटन: PM मोदी और CM विजय ने ₹4,900 करोड़ के रूट को दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 11 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में मेट्रो विस्तार के दूसरे चरण (फेज-2) के अंतर्गत कॉरिडोर 4 के पहले खंड का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। ₹4,900 करोड़ की लागत से निर्मित इस नए मेट्रो रूट पर दोनों नेताओं ने साथ सफर भी किया, जो शहर के सार्वजनिक परिवहन इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ता है।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार को आयोजित इस उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विजय ने नए मेट्रो मार्ग पर यात्रा कर इसका शुभारंभ किया। यह खंड पूनमल्ली से वडापलानी को जोड़ता है और शहर के सबसे अधिक यातायात-भार वाले गलियारों में से एक से होकर गुजरता है। इस रूट की एक खास विशेषता 3.5 किलोमीटर लंबा डबल-डेकर वायाडक्ट है, जो इसे शहरी बुनियादी ढाँचे का एक जटिल और तकनीकी रूप से उन्नत हिस्सा बनाता है।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
नई मेट्रो सेवा के शुरू होने पर चेन्नई के निवासियों में व्यापक उत्साह देखा गया। पूनमल्ली इलाके के एक यात्री ने कहा, 'पूनमल्ली से वडापलानी जाने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और दूसरे यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता था।' उन्होंने आगे कहा, 'इस नई मेट्रो रेल सेवा के शुरू होने से छात्र अपने स्कूल और कॉलेज पहुँच सकेंगे, जबकि नौकरीपेशा लोग तेज़ी और आसानी से अपने कार्यस्थलों पर आ-जा सकेंगे।'
अवादी निवासी यात्री श्रीधरन ने कहा, 'हम लंबे समय से इस सेवा का इंतजार कर रहे थे और इसके आने से हमें बहुत खुशी हुई है। मेट्रो सेवा से चेन्नई का सफर बहुत तेज़ और आसान हो जाएगा — यात्रियों का समय बचेगा और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।'
बुनियादी ढाँचे की बड़ी छलांग
यह मेट्रो खंड केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि चेन्नई के उपनगरीय क्षेत्रों को शहरी केंद्र से जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। ₹4,900 करोड़ की यह परियोजना शहर के सर्वाधिक भीड़भाड़ वाले गलियारों में यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से बनाई गई है। गौरतलब है कि चेन्नई में मेट्रो का फेज-1 पहले से चल रहा है और फेज-2 के तहत शहर के विस्तृत क्षेत्रों को इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
आम जनता पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, पूनमल्ली और अवादी जैसे उपनगरीय क्षेत्रों में मेट्रो पहुँचने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि सड़कों पर निजी वाहनों का बोझ भी कम होगा। इससे ईंधन की खपत और वायु प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद भी जताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के महानगर सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की नीति अपना रहे हैं।
क्या होगा आगे
फेज-2 के अंतर्गत कॉरिडोर 4 का यह पहला खंड एक बड़े विस्तार कार्यक्रम की शुरुआत मात्र है। आने वाले महीनों में इस कॉरिडोर के शेष हिस्सों और अन्य कॉरिडोर पर कार्य की प्रगति पर नज़र रखी जाएगी। चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) से उम्मीद है कि वह पूरे फेज-2 नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी, जिससे शहर का परिवहन तंत्र और अधिक मज़बूत होगा।