छतरपुर बस हादसा: ब्रेक फेल, चलती बस से कूदे 40+ मजदूर; एक की मौत, 14 अस्पताल में भर्ती
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बमिठा थाना क्षेत्र में 9 अक्टूबर 2026 की शाम एक गंभीर सड़क हादसे में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट में कार्यरत एक मजदूर की मौत हो गई और 14 अन्य घायल अस्पताल में भर्ती हैं। धोधान बांध के निकट ढलान पर बस का ब्रेक अचानक फेल हो जाने से वाहन बेकाबू हो गया, जिसके बाद घबराए मजदूरों ने चलती बस से छलांग लगाकर अपनी जान बचाने की कोशिश की। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस में 40 से 45 मजदूर सवार थे।
हादसे का घटनाक्रम
यह दुर्घटना शाम करीब 7:30 बजे उस वक्त हुई जब मजदूर दिनभर की ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे। बस एक ढलान पर रुकी हुई थी जहाँ कुछ और मजदूर चढ़ रहे थे। घायल मजदूर रमेश कुमार ने बताया, 'हम लोग छुट्टी होने के बाद रोड पर आए, बस खड़ी थी और हम उस पर बैठ गए। बस थोड़ी आगे जाकर ढलान पर रुकी, वहाँ और लोग चढ़ रहे थे, तभी अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया।' जैसे ही बस की रफ्तार बढ़ने लगी, चालक ने चिल्लाकर ब्रेक फेल होने की चेतावनी दी।
एक ओर नदी और दूसरी ओर सीधा रास्ता देखकर बस के नदी में गिरने की आशंका से मजदूर दहशत में आ गए। इसके बाद 20 से 25 मजदूर चलती बस से कूद पड़े। कूदने के कारण कई लोगों के सिर में चोट आई, कुछ के पैर टूटे और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों का बयान
एक अन्य घायल मजदूर कृष्णा सिंह ने कहा, 'स्टार्ट करते ही ड्राइवर ने कहा कि ब्रेक फेल हो गया। हड़बड़ी में वह गाड़ी चलाता रहा और हम अपनी जान बचाने के लिए कूद गए।' कृष्णा सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि बस पलटी नहीं — मजदूरों ने स्वयं कूदकर खुद को बचाने का प्रयास किया। उनके अनुसार अधिक गंभीर घायलों को एम्बुलेंस के ज़रिए अस्पताल पहुँचाया गया।
अस्पताल में उपचार और एक की मौत
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रोशन द्विवेदी ने बताया कि रात 9 से 10 बजे के बीच दुर्घटना की सूचना मिली और 10 से 15 मजदूर अस्पताल लाए गए। सभी को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया, किंतु उपचार के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई। डॉ. द्विवेदी के अनुसार कुल 15 मजदूर भर्ती हुए थे और मृत्यु के बाद शेष 14 मजदूरों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी घायल पुरुष हैं, हादसे में कोई महिला शामिल नहीं है।
केन-बेतवा परियोजना की पृष्ठभूमि
केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट देश की महत्वाकांक्षी नदी-जोड़ परियोजनाओं में से एक है जिसमें बड़ी संख्या में श्रमिक कार्यरत हैं। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब निर्माण स्थलों पर मजदूरों की परिवहन सुरक्षा को लेकर पहले से ही सवाल उठाए जाते रहे हैं। गौरतलब है कि बड़े बुनियादी ढाँचा प्रोजेक्टों में श्रमिकों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की नियमित तकनीकी जाँच अनिवार्य होती है, हालाँकि इस मामले में बस के रखरखाव की स्थिति की जाँच अभी जारी है।
आगे की कार्रवाई
बमिठा थाना पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। हादसे में मारे गए मजदूर की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। घायल मजदूरों को मिलने वाले मुआवज़े और जिम्मेदारी तय करने को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नज़र है।