ओडिशा में छात्र संघ चुनाव बड़ी उपलब्धि: उपमुख्यमंत्री पार्वती परिदा ने ABVP की जीत और वादा पूरा करने का किया दावा
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा की उपमुख्यमंत्री पार्वती परिदा ने 16 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में राज्यभर के कॉलेजों में संपन्न छात्र संघ चुनावों को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया और विजेता छात्र नेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत यह दर्शाती है कि ओडिशा के युवा 'राष्ट्र प्रथम' की विचारधारा के साथ खड़े हैं।
सरकार ने वादा निभाया
परिदा ने कहा कि उनकी पार्टी ने सत्ता में आने से पूर्व कॉलेज छात्र संघ चुनाव कराने का वादा किया था और सरकार गठन के बाद उसे पूरा करके दिखाया। उनके अनुसार, 'जनता उसी को पसंद करती है जो अपने वादे पूरे करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि इन चुनावों से नए छात्र नेताओं को सामने आने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिला है।
पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर निशाना
उपमुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) सरकार पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में आठ वर्षों तक कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए। उन्होंने तीखे स्वर में कहा, 'यदि युवाओं से डर नहीं था, तो आठ साल तक चुनाव क्यों नहीं कराए गए?' यह बयान ओडिशा की नई सरकार और BJD के बीच जारी राजनीतिक संघर्ष की एक और कड़ी है।
ABVP की जीत और युवा विचारधारा
परिदा ने ABVP की जीत को विशेष रूप से रेखांकित किया और कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि ओडिशा के छात्रों ने 'राष्ट्र प्रथम' की सोच को अपनाया है। उन्होंने अन्य छात्र संगठनों की चुनावी भागीदारी को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए सकारात्मक बताया। गौरतलब है कि छात्र संघ चुनाव न केवल परिसरों में नेतृत्व तय करते हैं, बल्कि राजनीतिक दलों के लिए भावी कार्यकर्ताओं की नर्सरी भी माने जाते हैं।
नवीन पटनायक को जन्मदिन की शुभकामनाएँ, पर चेतावनी भी
परिदा ने पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके स्वस्थ रहने की कामना की। हालाँकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि ओडिशा की जनता उनकी लंबी आयु चाहती है, 'लेकिन उम्मीद है कि वे इस उम्र में लोगों को भ्रमित नहीं करेंगे।' यह टिप्पणी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन सकती है।
क्या होगा आगे
छात्र संघ चुनावों के बाद नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों से अपेक्षा है कि वे विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मिलकर छात्र कल्याण के मुद्दों पर काम करेंगे। ओडिशा सरकार के इस कदम की राजनीतिक प्रतिध्वनि आने वाले नगरपालिका और पंचायत चुनावों में भी देखी जा सकती है, जहाँ युवा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।