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ओडिशा CM माझी का छात्र नेताओं को संदेश: दुष्प्रचार का मुकाबला करें, विकसित ओडिशा बनाएँ

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ओडिशा CM माझी का छात्र नेताओं को संदेश: दुष्प्रचार का मुकाबला करें, विकसित ओडिशा बनाएँ

सारांश

ओडिशा में करीब एक दशक बाद हुए कैंपस चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न हुए और ABVP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। CM माझी ने विजेता छात्र नेताओं को दुष्प्रचार के विरुद्ध मोर्चा संभालने और 'ज्ञान, चरित्र और एकता' के आदर्शों से विकसित ओडिशा बनाने की जिम्मेदारी सौंपी।

मुख्य बातें

15 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
CM मोहन चरण माझी ने 18 अक्टूबर को कटक इंडोर स्टेडियम में 'युवा नेता सम्मेलन' में विजेता प्रतिनिधियों को संबोधित किया।
माझी ने पूर्ववर्ती BJD सरकार पर 2017 से लगभग एक दशक तक कैंपस चुनाव स्थगित रखने का आरोप लगाया।
ABVP ने ओडिशा के साथ-साथ दिल्ली विश्वविद्यालय में भी ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
मुख्यमंत्री ने छात्र नेताओं को परिसरों को हिंसा और नशाखोरी से मुक्त रखने तथा सरकारी योजनाओं को छात्रों तक पहुँचाने की सलाह दी।

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 18 अक्टूबर 2026 को कटक इंडोर स्टेडियम में आयोजित 'युवा नेता सम्मेलन' में राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में हाल ही में संपन्न छात्र संघ चुनावों के विजेता प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने छात्र नेताओं से आग्रह किया कि वे विघटनकारी तत्वों के दुष्प्रचार का सकारात्मक संदेशों से मुकाबला करते हुए एक समृद्ध और विकसित ओडिशा के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएँ।

युवा नेता सम्मेलन: मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री माझी ने 15 अक्टूबर 2026 को राज्यभर के कैंपस में आयोजित छात्र संघ चुनावों में शानदार जीत दर्ज करने वाले प्रतिनिधियों को बधाई दी। उन्होंने इस समारोह को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पुनर्स्थापना का उत्सव बताया। माझी ने कहा कि नेतृत्व का अर्थ केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, छात्रावास और खेल जैसे क्षेत्रों में आम छात्रों की समस्याओं का समाधान करना भी है।

पिछली सरकार पर निशाना

कार्यक्रम के बाद एक पोस्ट में मुख्यमंत्री माझी ने पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (BJD) नेतृत्व वाली सरकार पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने लिखा कि 'पिछली सरकार ने 2017 से लगभग एक दशक तक चुनावों को स्थगित रखा, जिससे कैंपस में लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई।' माझी ने यह भी कहा कि तत्कालीन सत्ताधारी दल के शीर्ष नेता और तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री, छात्र राजनीति की पृष्ठभूमि के बावजूद, इस निर्णय के विरुद्ध चुप रहे।

माझी के अनुसार, जब राज्य सरकार ने चुनाव कराने का संकल्प लिया, तो 'देश का माहौल अनुकूल नहीं है' और 'जेनजी नाखुश है' जैसी भ्रामक सूचनाओं का हवाला देकर चुनाव स्थगित करने का दबाव डाला गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन दबावों को नकारते हुए अपना वादा निभाया।

एबीवीपी की जीत और राजनीतिक संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ऐतिहासिक जीत — ठीक उसी तरह जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय में हुई — यह प्रमाणित करती है कि युवा पीढ़ी विकास की नीतियों के साथ खड़ी है। उन्होंने छात्र नेताओं को चेताया कि यह जीत अहंकार का विषय नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य की शुरुआत है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार सत्ता में आने के बाद पहली बार कैंपस चुनाव हुए हैं।

छात्र नेताओं को सलाह

माझी ने विजयी प्रतिनिधियों को कॉलेज अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने और परिसरों को हिंसा तथा नशाखोरी से मुक्त रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक छात्र तक पहुँचाने के लिए छात्र नेताओं को एक सेतु की भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने 'ज्ञान, चरित्र और एकता' के आदर्शों को बनाए रखते हुए संवैधानिक व्यवस्था को कमज़ोर करने के प्रयासों का सक्रिय रूप से प्रतिकार करने का आह्वान किया।

आगे की राह

राज्यभर के कैंपस में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए इन चुनावों को सरकार कैंपस लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के रूप में प्रस्तुत कर रही है। छात्र समुदाय की भागीदारी और निर्वाचित प्रतिनिधियों की जवाबदेही अब इन नव-निर्वाचित नेताओं की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन CM माझी का 'युवा नेता सम्मेलन' कार्यक्रम मात्र प्रशासनिक संदेश नहीं था — यह स्पष्ट रूप से BJD-विरोधी और ABVP की जीत को BJP की राजनीतिक पुष्टि के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश थी। दिल्ली विश्वविद्यालय के संदर्भ का उल्लेख और 'मोदी जी की विकास नीतियों' से छात्र समर्थन जोड़ना दर्शाता है कि यह आयोजन शुद्ध छात्र कल्याण से आगे जाकर राजनीतिक संदेश-प्रसार का भी माध्यम था। असली कसौटी यह होगी कि नव-निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि राजनीतिक अपेक्षाओं से परे जाकर शिक्षा, छात्रावास और सुरक्षा जैसे ज़मीनी मुद्दों पर कितना काम कर पाते हैं।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा कैंपस चुनाव 2026 कब हुए और क्या परिणाम रहा?
ओडिशा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव 15 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुए, जिनमें ABVP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। ये चुनाव राज्यभर में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुए बताए जा रहे हैं।
CM माझी ने पिछली सरकार पर क्या आरोप लगाए?
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि पूर्ववर्ती BJD सरकार ने 2017 से लगभग एक दशक तक कैंपस चुनावों को स्थगित रखा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया ठप हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री सहित शीर्ष नेता इस फैसले के विरुद्ध चुप रहे।
'युवा नेता सम्मेलन' का आयोजन कहाँ हुआ?
यह सम्मेलन 18 अक्टूबर 2026 को कटक इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया। इसमें CM माझी ने विजयी छात्र प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उन्हें संबोधित किया।
CM माझी ने छात्र नेताओं को क्या जिम्मेदारियाँ सौंपीं?
माझी ने छात्र नेताओं से कहा कि वे विघटनकारी शक्तियों के दुष्प्रचार का सकारात्मक संदेशों से मुकाबला करें, कॉलेज अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करें और परिसरों को हिंसा तथा नशाखोरी से मुक्त रखें। साथ ही उन्होंने सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक छात्र तक पहुँचाने की भी जिम्मेदारी दी।
ओडिशा में ABVP की जीत का राजनीतिक महत्व क्या है?
CM माझी के अनुसार, ओडिशा में ABVP की जीत — दिल्ली विश्वविद्यालय जैसी — यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी विकास-केंद्रित राजनीति का समर्थन करती है। यह BJP सरकार के ओडिशा में सत्ता में आने के बाद पहली बार हुए कैंपस चुनाव थे, जिनके परिणाम सत्तारूढ़ दल के लिए राजनीतिक पुष्टि के रूप में देखे जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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