ओडिशा में 8 साल बाद छात्र संघ चुनाव: 359 संस्थानों में मतदान, CM माझी ने शांति की अपील की
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा में 8 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद 15 अक्टूबर 2026 को छात्र संघ चुनाव आयोजित हो रहे हैं। राज्य के 359 उच्च शिक्षण संस्थानों — जिनमें 346 कॉलेज और 13 विश्वविद्यालय शामिल हैं — में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान जारी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर छात्रों से शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चुनाव में भाग लेने की अपील की है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री माझी ने एक्स पर लिखा, “मेरे प्यारे छात्रों और दोस्तों, छात्र संघ चुनाव केवल प्रतिनिधियों को चुनने की प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों को साकार करने और भविष्य के नेतृत्व को आकार देने का एक प्रमुख माध्यम है। जो मूल्य, अनुशासन और आदर्श आप आज परिसर में अपनाते हैं, वे आने वाले दिनों में हमारे राज्य और देश को नई दिशा प्रदान करेंगे।”
उन्होंने आगे लिखा, “इसलिए, किसी भी तरह की हिंसा, अफवाह या विभाजन का शिकार हुए बिना, इस चुनाव में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से भाग लें। सभी छात्रों, छात्र प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।”
चुनाव का कार्यक्रम
मतदान समाप्त होते ही दोपहर में मतगणना शुरू होगी और 15 अक्टूबर को ही परिणामों की घोषणा की जाएगी। नवनिर्वाचित छात्र प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह 16 अक्टूबर, शुक्रवार सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा।
सुरक्षा इंतज़ाम
परिसरों में संभावित अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए हैं। गौरतलब है कि छात्र संघ चुनावों के इतिहास में हिंसा की घटनाएँ पहले भी दर्ज हो चुकी हैं, इसलिए सुरक्षाबलों की तैनाती विशेष रूप से की गई है।
8 साल का अंतराल: कारण और संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के कई राज्यों में छात्र राजनीति पुनः सक्रिय हो रही है। ओडिशा में कोविड-19 महामारी सहित विभिन्न प्रशासनिक कारणों से ये चुनाव लंबे समय तक स्थगित रहे थे। आठ साल बाद छात्रों को अपने संस्थागत प्रतिनिधि चुनने का यह पहला अवसर मिल रहा है, जिसे शैक्षणिक परिसरों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या
नतीजों की घोषणा के बाद 16 अक्टूबर को शपथ ग्रहण के साथ नए छात्र प्रतिनिधि कार्यभार संभालेंगे। इन चुनावों से उभरने वाले नेतृत्व पर राज्य की छात्र राजनीति की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।