ओडिशा डीजीपी विनयतोष मिश्रा का निर्देश: कैंपस चुनाव हिंसा रोकने को पुलिस करे पूर्व-सक्रिय कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्रा ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 15 अक्टूबर (गुरुवार) से आरंभ होने वाले छात्र संघ चुनावों के दौरान हिंसा रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन के साथ मिलकर पहले से ही एहतियाती कदम उठाए जाएँ। भुवनेश्वर स्थित कैंप कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में डीजीपी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
बैठक का स्वरूप और सहभागिता
डीजीपी मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ-साथ रेंज स्तर के इंस्पेक्टर जनरलों (आईजी) और उप इंस्पेक्टर जनरलों (डीआईजी) ने भाग लिया। बैठक में कॉलेज परिसरों में संभावित तनाव बिंदुओं का आकलन, निवारक तैनाती और चुनाव के बाद की हिंसा पर विशेष चर्चा हुई।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की भूमिका घटना घटने के बाद प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि पूर्व-सक्रिय (proactive) होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज अधिकारियों के साथ नियमित संवाद और तनाव-प्रवण स्थानों पर कड़ी निगरानी इस दृष्टिकोण की नींव है।
पुलिस को दिए गए प्रमुख निर्देश
डीजीपी मिश्रा ने अधिकारियों को निम्नलिखित मोर्चों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा — संवेदनशील परिसरों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, चुनाव से जुड़े किसी भी तनाव या विवाद को गंभीरता से लेकर कानून के तहत त्वरित कार्रवाई, और जहाँ भी आवश्यक हो, तत्काल हस्तक्षेप। उन्होंने जोर दिया कि चुनाव के बाद की हिंसा को भी उतनी ही सतर्कता से रोका जाए।
गौरतलब है कि हिंसा और अशांति के कारण राज्य के कई कॉलेजों में इस वर्ष के कैंपस चुनाव पहले ही रद्द करने पड़े हैं, जो इस निर्देश की तात्कालिकता को रेखांकित करता है।
उच्च शिक्षा मंत्री की अपील
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने भी बुधवार को प्रदेश भर के छात्रों से अपील की कि वे किसी भी हिंसक गतिविधि से दूर रहें और शांतिपूर्वक मतदान में भाग लें। यह ऐसे समय में आया है जब प्रशासन पर दबाव है कि शिक्षा परिसर राजनीतिक हिंसा के अखाड़े न बनें।
चुनावी मैदान: उम्मीदवार और दल
उच्च शिक्षा विभाग के हाल के आँकड़ों के अनुसार, ओडिशा में 2026-27 के छात्र संघ चुनावों में कुल 6,891 उम्मीदवार मैदान में हैं। मुख्य दावेदारों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP), विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) की छात्र शाखा बीजू छात्र जनता दल (BCJD), और कांग्रेस से संबद्ध राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) शामिल हैं।
तीनों संगठनों के नेता गुरुवार के चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं, जिससे प्रतिस्पर्धा तीखी होने की संभावना है।
आगे क्या
छात्र संघ चुनावों के परिणाम राज्य की राजनीतिक तस्वीर का एक महत्वपूर्ण संकेत माने जाते हैं। प्रशासन की कड़ी तैयारी के बावजूद, संवेदनशील परिसरों में स्थिति पर नज़र बनाए रखना पुलिस के लिए प्राथमिकता रहेगी। यह देखना अहम होगा कि क्या इस बार कैंपस चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होते हैं या हिंसा की पुनरावृत्ति होती है।