विनयतोष मिश्रा बने ओडिशा के कार्यवाहक DGP, 16 अगस्त से संभालेंगे पुलिस बल का प्रभार
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा सरकार ने 14 अगस्त 2026 को सीआईडी, क्राइम ब्रांच के पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्रा को राज्य पुलिस का अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया है। मौजूदा डीजीपी वाईबी खुराना के 16 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद मिश्रा अगले आदेश तक डीजीपी (पुलिस बल प्रमुख) का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ओडिशा के स्थायी पुलिस महानिदेशक के चयन की प्रक्रिया कानूनी अड़चनों के कारण अटकी हुई है। सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ — जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं — ने 13 अगस्त 2026 को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को निर्देश दिया कि वह डीजीपी चयन को अंतिम रूप देने के लिए निर्धारित बैठक को स्थगित करे।
यह बैठक अब 18 अगस्त 2026 को होने वाली जनहित याचिका (पीआईएल) की अगली सुनवाई तक टाल दी गई है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में उस पीआईएल पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है, जिसमें ओडिशा सरकार द्वारा नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को चुनौती दी गई है।
याचिका में क्या है आरोप
याचिका में कथित तौर पर आरोप लगाया गया है कि ओडिशा सरकार की चयन प्रक्रिया 2006 के ऐतिहासिक प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति में राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकना और संस्थागत स्वायत्तता सुनिश्चित करना है।
यूपीएससी बैठक और नामों की वापसी
यूपीएससी ने पहले ओडिशा के डीजीपी पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों पर विचार करने के लिए 7 अगस्त 2026 को बैठक की योजना बनाई थी। हालांकि, बाद में ओडिशा सरकार ने विचार के लिए भेजे गए नामों को वापस ले लिया, जिससे चयन प्रक्रिया एक बार फिर अनिश्चितता में पड़ गई।
आगे क्या होगा
18 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में पीआईएल की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि स्थायी डीजीपी के चयन की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी। तब तक विनयतोष मिश्रा ओडिशा पुलिस बल का नेतृत्व करते रहेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था 'अगले आदेश तक' प्रभावी रहेगी।