15 अगस्त 2026
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विनयतोष मिश्रा बने ओडिशा के कार्यवाहक DGP, 16 अगस्त से संभालेंगे पुलिस बल का प्रभार

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विनयतोष मिश्रा बने ओडिशा के कार्यवाहक DGP, 16 अगस्त से संभालेंगे पुलिस बल का प्रभार

सारांश

ओडिशा में डीजीपी चयन पर सुप्रीम कोर्ट की रोक और यूपीएससी की बैठक स्थगित होने के बीच, राज्य सरकार ने सीआईडी प्रमुख विनयतोष मिश्रा को 16 अगस्त से कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया। 18 अगस्त की पीआईएल सुनवाई तय करेगी कि स्थायी नियुक्ति की राह कब खुलेगी।

मुख्य बातें

विनयतोष मिश्रा , सीआईडी क्राइम ब्रांच के डीजीपी, को 16 अगस्त 2026 से ओडिशा के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
मौजूदा डीजीपी वाईबी खुराना 16 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
सर्वोच्च न्यायालय ने यूपीएससी की 13 अगस्त की बैठक स्थगित कराई; अगली सुनवाई 18 अगस्त को।
याचिका में आरोप है कि नियुक्ति प्रक्रिया 2006 के प्रकाश सिंह मामले के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं।
ओडिशा सरकार ने यूपीएससी को भेजे गए उम्मीदवारों के नाम वापस ले लिए थे।

ओडिशा सरकार ने 14 अगस्त 2026 को सीआईडी, क्राइम ब्रांच के पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्रा को राज्य पुलिस का अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया है। मौजूदा डीजीपी वाईबी खुराना के 16 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद मिश्रा अगले आदेश तक डीजीपी (पुलिस बल प्रमुख) का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ओडिशा के स्थायी पुलिस महानिदेशक के चयन की प्रक्रिया कानूनी अड़चनों के कारण अटकी हुई है। सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ — जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल हैं — ने 13 अगस्त 2026 को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को निर्देश दिया कि वह डीजीपी चयन को अंतिम रूप देने के लिए निर्धारित बैठक को स्थगित करे।

यह बैठक अब 18 अगस्त 2026 को होने वाली जनहित याचिका (पीआईएल) की अगली सुनवाई तक टाल दी गई है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में उस पीआईएल पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है, जिसमें ओडिशा सरकार द्वारा नए डीजीपी की नियुक्ति के लिए अपनाई गई प्रक्रिया को चुनौती दी गई है।

याचिका में क्या है आरोप

याचिका में कथित तौर पर आरोप लगाया गया है कि ओडिशा सरकार की चयन प्रक्रिया 2006 के ऐतिहासिक प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति में राजनीतिक हस्तक्षेप को रोकना और संस्थागत स्वायत्तता सुनिश्चित करना है।

यूपीएससी बैठक और नामों की वापसी

यूपीएससी ने पहले ओडिशा के डीजीपी पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों पर विचार करने के लिए 7 अगस्त 2026 को बैठक की योजना बनाई थी। हालांकि, बाद में ओडिशा सरकार ने विचार के लिए भेजे गए नामों को वापस ले लिया, जिससे चयन प्रक्रिया एक बार फिर अनिश्चितता में पड़ गई।

आगे क्या होगा

18 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में पीआईएल की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि स्थायी डीजीपी के चयन की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी। तब तक विनयतोष मिश्रा ओडिशा पुलिस बल का नेतृत्व करते रहेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था 'अगले आदेश तक' प्रभावी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या 18 अगस्त की सुनवाई के बाद भी राज्य एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाएगा, या फिर कार्यवाहक व्यवस्था को ही खींचता रहेगा।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विनयतोष मिश्रा को ओडिशा का कार्यवाहक DGP क्यों नियुक्त किया गया?
मौजूदा डीजीपी वाईबी खुराना के 16 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने और स्थायी डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय में अटकी होने के कारण सीआईडी क्राइम ब्रांच के डीजीपी विनयतोष मिश्रा को अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
ओडिशा DGP नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में क्या चल रहा है?
सर्वोच्च न्यायालय एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें ओडिशा सरकार की डीजीपी चयन प्रक्रिया को 2006 के प्रकाश सिंह मामले के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया गया है। अगली सुनवाई 18 अगस्त 2026 को निर्धारित है।
यूपीएससी की बैठक क्यों स्थगित हुई?
सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने यूपीएससी को निर्देश दिया कि वह 13 अगस्त को निर्धारित डीजीपी चयन बैठक को पीआईएल की अगली सुनवाई तक स्थगित रखे। इससे पहले ओडिशा सरकार ने यूपीएससी को भेजे गए उम्मीदवारों के नाम भी वापस ले लिए थे।
प्रकाश सिंह मामला और डीजीपी नियुक्ति से इसका क्या संबंध है?
2006 में सर्वोच्च न्यायालय ने प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में आदेश दिया था कि राज्यों में डीजीपी की नियुक्ति यूपीएससी द्वारा तैयार पैनल से की जाए, ताकि राजनीतिक हस्तक्षेप रोका जा सके। ओडिशा में याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि राज्य सरकार इन दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रही।
विनयतोष मिश्रा कब तक कार्यवाहक DGP रहेंगे?
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार मिश्रा 'अगले आदेश तक' यह प्रभार संभालेंगे। 18 अगस्त 2026 को सर्वोच्च न्यायालय में पीआईएल की सुनवाई के बाद स्थायी नियुक्ति की समयसीमा स्पष्ट होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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