30 जुलाई 2026
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क्या छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में दो माओवादी ढेर हुए?

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क्या छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में दो माओवादी ढेर हुए?

सारांश

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में दो माओवादी ढेर हुए। यह कार्रवाई डीआरजी और पुलिस ने मिलकर की। जानें इस ऑपरेशन के पीछे की कहानी और इसकी अहमियत।

मुख्य बातें

बीजापुर में मुठभेड़ में दो माओवादी ढेर हुए।
यह ऑपरेशन पुलिस और डीआरजी द्वारा किया गया।
मुठभेड़ सुबह 5 बजे शुरू हुई।
सुरक्षाकर्मियों में कोई हताहत नहीं हुआ।
क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान जारी है।

बीजापुर, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में चल रहे माओवाद विरोधी अभियानों में एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सुरक्षा बलों ने शनिवार को दो माओवादियों को ढेर कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस और डीआरजी की संयुक्त टीम द्वारा की गई। बीजापुर जिले के दक्षिणी हिस्से में माओवादियों के खिलाफ किए गए जवाबी फायरिंग के बाद दो माओवादियों के शव बरामद हुए।

जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल बीजापुर जिले के दक्षिणी हिस्से में हथियारबंद माओवादियों के साथ भीषण गोलीबारी कर रहे हैं, जिसमें अब तक दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।

मुठभेड़ सुबह 5.00 बजे शुरू हुई, जब डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की एक टीम दक्षिण बस्तर के जंगलों में तलाशी अभियान के दौरान माओवादी गोलीबारी का शिकार हुई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ऑपरेशन इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की खास जानकारी के आधार पर शुरू किया गया था। डीआरजी ने इस ऑपरेशन की शुरुआत की, जिसके बाद रुक-रुक कर गोलीबारी का सिलसिला जारी रहा। पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि चल रही तलाशी के दौरान मुठभेड़ स्थल से दो माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं।

जैसे-जैसे तलाशी अभियान आगे बढ़ेगा, हथियार और अन्य सामान जब्त किए जाने की उम्मीद है। इस बीच, सुरक्षाकर्मियों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

ऑपरेशन की संवेदनशीलता को देखते हुए, अधिकारियों ने मुठभेड़ की सही जगह और इसमें शामिल सुरक्षा बलों की संख्या जैसी जानकारी नहीं दी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "ऑपरेशन अभी निर्णायक चरण में है। मैदान में तैनात जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, इस स्तर पर संवेदनशील जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता है।"

माओवादियों की पहचान, बरामद हथियार और आगे के नतीजों सहित एक विस्तृत रिपोर्ट ऑपरेशन खत्म होने और इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित करने के बाद जारी की जाएगी। यह घटना बस्तर डिवीजन में तेज किए गए नक्सल विरोधी अभियानों का हिस्सा है, जो लंबे समय से माओवादियों का गढ़ बना हुआ है। छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों में कई सफल ऑपरेशन हुए हैं, जिससे डीआरजी, राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से माओवादी नेटवर्क काफी कमजोर हुआ है।

राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां ​​वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो इस क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के राष्ट्रीय प्रयासों के अनुरूप है। घने जंगलों में तलाशी जारी रहने के कारण, इलाके की घेराबंदी करने और किसी भी माओवादी को भागने से रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीजापुर में मुठभेड़ कब हुई?
मुठभेड़ 3 जनवरी को सुबह 5 बजे हुई।
इस मुठभेड़ में कितने माओवादी ढेर हुए?
इस मुठभेड़ में दो माओवादी ढेर हुए।
यह ऑपरेशन किसने किया?
यह ऑपरेशन पुलिस और डीआरजी ने मिलकर किया।
क्या सुरक्षाकर्मियों में कोई हताहत हुआ?
अब तक सुरक्षाकर्मियों में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
इस ऑपरेशन का उद्देश्य क्या था?
इस ऑपरेशन का उद्देश्य माओवादियों की मौजूदगी को खत्म करना था।
राष्ट्र प्रेस
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