क्या एआई शिक्षा में डेटा चोरी का खतरा? एनएचआरसी ने सरकारी विभागों से मांगी रिपोर्ट
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नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित शिक्षा पहलों में बच्चों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। आयोग ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, उच्च शिक्षा विभाग तथा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
एनएचआरसी की पीठ, जिसमें सदस्य प्रियंक कानूनगो शामिल हैं, ने धारा 8 के तहत पंजीकृत गैर-लाभकारी संस्था नामो फाउंडेशन की शिकायत पर ध्यान दिया। इस शिकायत में अमेरिका स्थित एआई कंपनी और शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ के बीच सहयोग के कारण बच्चों की निजता को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत के अनुसार, इस भागीदारी के तहत ‘एनीटाइम टेस्टिंग मशीन (एटीएम)’ नामक एआई-आधारित प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों की हस्तलिखित उत्तर पुस्तिकाओं और शैक्षणिक डेटा को प्रोसेस करना है।
आरोप यह है कि इस प्रक्रिया में नाबालिगों के व्यक्तिगत डेटा का संग्रहण, भंडारण, विश्लेषण और संभावित सीमा-पार हस्तांतरण किया जा सकता है, जिससे उनकी गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
शिकायतकर्ता ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 (डीपीडीपी अधिनियम, 2023) के प्रावधानों के तहत डेटा उल्लंघन के खतरों की ओर इशारा किया है। डीपीडीपी अधिनियम के तहत प्रथम-एंथ्रोपिक एआई सहयोग में डेटा उल्लंघन के खतरों का आकलन करते हुए कहा गया है कि यदि उचित सुरक्षा उपाय नहीं अपनाए गए तो बच्चों की संवेदनशील जानकारी का दुरुपयोग संभव है।
आयोग ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह नाबालिगों की निजता और सुरक्षा से जुड़े मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला बन सकता है।
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 की धारा 12 के तहत जारी नोटिस में सभी मुख्य सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को निर्देश दिया गया है कि वे जांच सुनिश्चित करें और यह देखें कि किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी संस्था द्वारा एकत्रित डेटा का दुरुपयोग न हो।
राज्य सरकारों से ऐसे संगठनों के साथ किए गए एमओयू और समझौतों की समीक्षा करने को भी कहा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा क्षेत्र में एआई के उपयोग के लिए मजबूत डेटा सुरक्षा ढांचा और पारदर्शिता अनिवार्य है।