क्या छत्तीसगढ़ के सुकमा में मुठभेड़ में 12 नक्सलियों के शव बरामद हुए?

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क्या छत्तीसगढ़ के सुकमा में मुठभेड़ में 12 नक्सलियों के शव बरामद हुए?

सारांश

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए हैं और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। जानें इस अभियान की पूरी जानकारी और माओवादियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बारे में।

Key Takeaways

  • सुरक्षा बलों ने 12 माओवादी मारे।
  • भारी हथियारों का जखीरा बरामद किया गया।
  • माओवादियों की संरचना कमजोर हो रही है।
  • सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाने का आह्वान।
  • सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई जारी है।

सुकमा, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में शनिवार को सुरक्षा बलों ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में 12 माओवादी मारे गए हैं और उनके पास से भारी हथियारों का जखीरा बरामद किया है।

सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने बताया कि जिले के दक्षिणी क्षेत्र में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी के आधार पर सुकमा डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।

इस अभियान के तहत सुकमा के दक्षिण क्षेत्र में डीआरजी की टीमों को भेजा गया। अभियान के दौरान सुबह लगभग 8 बजे से सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ हुई।

सर्च ऑपरेशन में मुठभेड़ स्थलों से कुल 12 माओवादी के शव हथियारों सहित बरामद हुए, जिनमें 5 महिला माओवादी भी शामिल थीं।

मारे गए माओवादियों में कोंटा एरिया कमेटी के इंचार्ज वेट्टी मंगडू उर्फ मुक्का और सचिव माड़वी हितेश उर्फ हूंगा की पहचान की गई है। अन्य माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

मुठभेड़ स्थल से एके47, इंसास, और एसएलआर राइफल्स जैसे भारी हथियारों का जखीरा भी बरामद किया गया।

बस्तर रेंज के आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि बस्तर में माओवादियों की ताकत अब खत्म हो रही है। संगठन की संरचना कमजोर पड़ चुकी है और उनकी किसी भी हिंसक गतिविधि का असर नहीं रह गया है।

उन्होंने अपील की कि सभी सक्रिय माओवादी हिंसा का मार्ग छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।

इससे पहले बीजापुर में सुरक्षाबलों ने गगनपल्ली-मुरकीपार के जंगल में एक मुठभेड़ में दो माओवादियों को मार गिराया था।

जानकारी के अनुसार, डीआरजी बीजापुर और माओवादियों के बीच सुबह 5 बजे से फायरिंग हुई।

बीजापुर जिले के थाना बासागुड़ा के गगनपल्ली-मुरकीपार के जंगल में 10-15 सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी ने सर्च ऑपरेशन किया।

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि इस अभियान के दौरान मुठभेड़ स्थल से 2 माओवादी के शव, एसएलआर रायफल, 12 बोर देशी कट्टा और अन्य सामग्री बरामद की गई।

Point of View

NationPress
05/01/2026

Frequently Asked Questions

मुठभेड़ में कितने नक्सली मारे गए?
मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए हैं।
सुरक्षा बलों ने कौन से हथियार बरामद किए?
सुरक्षा बलों ने एके47, इंसास, और एसएलआर राइफल्स जैसे हथियार बरामद किए हैं।
इस अभियान का क्या उद्देश्य था?
इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में मौजूद माओवादी गतिविधियों को समाप्त करना था।
क्या यह मुठभेड़ पहली बार हुई?
नहीं, इससे पहले भी कई मुठभेड़ें हो चुकी हैं।
क्या माओवादियों के खिलाफ और कार्रवाई होगी?
हां, सुरक्षा बलों की कार्रवाई जारी रहेगी।
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