क्या चुनाव आयोग की विश्वसनीयता जमीनी स्तर पर खत्म हो गई है? : तेजस्वी यादव

सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठाए गए सवाल
- महागठबंधन की 'वोटर अधिकार यात्रा'
- बूथों से गायब मतदाताओं के नाम
- लोकतंत्र की सुरक्षा का महत्व
- राजनीतिक हलचल और उसके प्रभाव
अररिया, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ महागठबंधन की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ रविवार को अररिया में पहुंची, जहां विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के पार्टी सेल के रूप में कार्य कर रहा है। वह भाजपा कार्यकर्ता की तरह कर्म कर रहा है। लोकतंत्र की रक्षा, संविधान की रक्षा, मताधिकार को बनाए रखने और लोगों के अस्तित्व की रक्षा के लिए राहुल गांधी और हम सभी इस यात्रा पर निकले हैं। इस अभियान के दौरान, हमने जमीनी स्तर पर गांवों का दौरा किया और पाया कि चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पूरी तरह से खत्म हो गई है।
उन्होंने आगे कहा कि लोगों को पता है कि प्रत्येक बूथ से लगभग ५० मतदाताओं के नाम गायब हैं। ऐसे कई उदाहरण सुप्रीम कोर्ट में भी प्रस्तुत किए गए थे। जो जीवित हैं, उन्हें मृतक घोषित कर दिया गया है। साथ ही उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गयाजी आए थे, जहां उन्होंने कहा था कि घुसपैठियों को भगाने के लिए चुनाव आयोग काम कर रहा है, लेकिन चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए अपने हलफनामे में कहीं भी घुसपैठियों का जिक्र नहीं किया है। बिहार लोकतंत्र की जननी है। बिहार के लोग लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे।
इससे पहले 'वोटर अधिकार यात्रा' का नेतृत्व कर रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुलेट चलाई। उनके बुलेट के पीछे बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम बैठे हुए थे। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता बाइक पर सवार होकर उनके साथ चल रहे थे। आठवें दिन की वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत बाइक पर हुई। यह यात्रा खुश्कीबाग से निकलकर लाइन बाजार, पंचमुखी मंदिर, रामबाग और सिटी इलाके से गुजरते हुए कसबा और अररिया पहुंची।