क्या चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भाजपा की हताशा का परिणाम है?: महबूबा मुफ्ती
सारांश
Key Takeaways
- महबूबा मुफ्ती ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
- ममता बनर्जी ने ईडी की छापेमारी को लोकतंत्र का दुरुपयोग बताया।
- भाजपा नेताओं ने ममता बनर्जी पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर केंद्रीय एजेंसियों के अनुचित उपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में आई-पैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी को पूरी तरह से गलत बताया और कहा कि चुनावों से पहले केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भाजपा की हताशा का स्पष्ट संकेत है।
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग भाजपा की हताशा को दर्शाता है। जब ईवीएम में हेराफेरी और एसआईआर के तहत मतदाता सूची में छेड़छाड़ पर्याप्त नहीं थी, तो छापेमारी उनके लिए एक हथियार बन गई।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह धमकियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि ममता बनर्जी की रणनीति और जनता का समर्थन पश्चिम बंगाल में भाजपा को बुरी तरह से हिला दिया है। क्या बंगाली लोग लोकतंत्र के इस खुलेआम दुरुपयोग को बर्दाश्त करेंगे?
महबूबा मुफ्ती द्वारा साझा किए गए वीडियो में ममता बनर्जी कोलकाता में आईपीएसी कार्यालय पर ईडी की छापेमारी पर अपनी प्रतिक्रिया दे रही हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "मुझे खेद है प्रधानमंत्री जी, कृपया अपने गृह मंत्री को नियंत्रित करें... अगर आप (भाजपा) हमसे मुकाबला नहीं कर सकते, तो बंगाल क्यों आ रहे हैं? हमें लोकतांत्रिक तरीके से हराइए। आप एजेंसियों का इस्तेमाल करके हमारे कागजात, हमारी रणनीति, हमारे मतदाता, हमारा डेटा, हमारा बंगाल लूट रहे हैं... ऐसा करके आप अपनी सीटों की संख्या शून्य तक कम कर देंगे..."
वहीं, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कोलकाता स्थित आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी के बाद ममता बनर्जी पर ईडी की जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
उन्होंने कहा कि कोयला घोटाले में इससे पहले भी टीएमसी नेताओं के घरों पर छापेमारी हुई, मुख्यमंत्री ने उस तरफ मुड़कर भी नहीं देखा। लेकिन आई-पैक के ऑफिस में हुए रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हस्तक्षेप किया और जांच को प्रभावित करने का प्रयास किया क्योंकि इस मामले में ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी फंसने वाले हैं।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष व सांसद समिक भट्टाचार्य ने आई-पैक ऑफिस पर ईडी की छापेमारी पर कहा कि एक सरकारी संस्था द्वारा रेड चल रही है, उसी जगह पर मुख्यमंत्री का पहुंच जाना और उनके हाथ से सबूत छीन लेना, यह आज तक हिंदुस्तान में कहीं नहीं हुआ।