नवी मुंबई एयरपोर्ट ट्रांजिशन: नागर विमानन सचिव ने एयरलाइंस को विस्तृत योजना सौंपने के दिए निर्देश, 13 अक्टूबर को अगली बैठक
सारांश
मुख्य बातें
नागर विमानन मंत्रालय ने 6 अक्टूबर 2026 को घरेलू एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर परिचालन स्थानांतरित करने के लिए एक ठोस और विस्तृत ट्रांजिशन प्लान तैयार करने के आदेश दिए हैं। यह निर्देश मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (CSMIA) के टर्मिनल-1 के चरणबद्ध पुनर्विकास की तैयारियों के बीच आया है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने यह भी सुझाव दिया है कि स्थानांतरण प्रक्रिया को कुछ सप्ताह आगे खिसकाया जा सकता है, जिससे यात्रियों और हितधारकों के लिए बदलाव अधिक सुचारु हो सके।
उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया निर्णय
सूत्रों के मुताबिक, नागर विमानन सचिव ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ करीब 90 मिनट की विस्तृत चर्चा की और सभी पक्षों से एक स्पष्ट परिचालन योजना प्रस्तुत करने को कहा। इस बैठक में अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) और विभिन्न एयरलाइंस के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। एयरलाइंस द्वारा उठाए गए परिचालन संबंधी प्रश्नों और चिंताओं का भी चर्चा के दौरान समाधान किया गया।
अगली समीक्षा बैठकों का कार्यक्रम
अगली समीक्षा बैठक 13 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें मुंबई एयरपोर्ट से प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को नवी मुंबई एयरपोर्ट में स्थानांतरित करने की योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद लगभग 20 अक्टूबर के आसपास एक और बैठक आयोजित होने की संभावना है, जिसमें अंतिम ट्रांजिशन प्लान पर सभी पक्षों की सहमति बनाई जा सकती है।
एयरलाइंस की स्थिति और बातचीत का इतिहास
सूत्रों ने बताया कि इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर सहित प्रमुख घरेलू एयरलाइंस ने मंत्रालय को सूचित किया कि वे पिछले करीब 18 महीनों से एयरपोर्ट ऑपरेटर के साथ इस स्थानांतरण को लेकर बातचीत कर रही हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब CSMIA पर यात्री भार पहले से ही अपनी क्षमता के करीब पहुँच चुका है और पुनर्विकास के दौरान टर्मिनल-1 की उपलब्धता सीमित होने की संभावना है।
AAHL की तैयारियों का प्रस्तुतीकरण
बैठक में AAHL ने नवी मुंबई एयरपोर्ट पर प्रतिवर्ष 50 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को संभालने की अपनी तत्परता का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। कंपनी ने अवसंरचना क्षमता, सड़क संपर्क, इन-फ्लाइट कैटरिंग सेवाओं, होटलों, लाउंज और अन्य यात्री सुविधाओं की योजनाओं की जानकारी साझा की। गौरतलब है कि सभी हितधारकों ने यह सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई कि स्थानांतरण के दौरान यात्री सुविधा और परिचालन दक्षता पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
आम यात्रियों पर संभावित असर
यदि यह स्थानांतरण सुचारु रूप से होता है, तो मुंबई और नवी मुंबई के बीच यात्री वितरण में बड़ा बदलाव आएगा। नवी मुंबई एयरपोर्ट की भौगोलिक स्थिति ठाणे, पुणे और कोंकण क्षेत्र के यात्रियों के लिए CSMIA की तुलना में अधिक सुविधाजनक मानी जाती है। हालाँकि, दक्षिण मुंबई और उपनगरों से एयरपोर्ट तक पहुँचने का समय और सुगमता अभी भी एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले हफ्तों में तय होने वाली अंतिम योजना यह तय करेगी कि यह बदलाव कितना व्यापक और शीघ्र होगा।