सिविल सेवकों की भूमिका: जनता और सरकार के बीच एक सशक्त कड़ी - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश

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सिविल सेवकों की भूमिका: जनता और सरकार के बीच एक सशक्त कड़ी - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश

सारांश

सिविल सेवा दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सिविल सेवकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो देश के विकास में योगदान देते हैं।

Key Takeaways

  • सिविल सेवक सरकार और जनता के बीच विश्वास की कड़ी हैं।
  • सिविल सेवा दिवस पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने सिविल सेवकों की सराहना की।
  • जनता के विकास में सिविल सेवकों का योगदान महत्वपूर्ण है।
  • विकसित भारत का दृष्टिकोण 2047 के अनुसार है।
  • समावेशी विकास पर जोर दिया गया है।

नई दिल्ली, 21 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर, देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सभी सिविल सेवकों को दिल से शुभकामनाएं दी हैं और उनके कार्यों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवक ही वो मज़बूत कड़ी हैं जो सरकार और जनता के बीच विश्वास स्थापित करते हैं तथा देश के विकास को आगे बढ़ाते हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया पर लिखा, "सिविल सेवा दिवस के इस अवसर पर, सभी सिविल सेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं। आपकी प्रतिबद्धता उत्तरदायी शासन को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक संस्थाओं को सशक्त बनाने में निरंतर कार्यरत है। अभिनव, भविष्य की ओर उन्मुख और नागरिक-केंद्रित नीतियों के निर्माण से लेकर जमीनी स्तर पर उनके प्रभावी कार्यान्वयन तक, आपका कार्य लाखों लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर गहरा प्रभाव डालता है।"

उन्होंने आगे कहा, "जैसे-जैसे भारत नई आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ रहा है, आपकी सत्यनिष्ठा और संवेदनशीलता, कमियों को दूर करने, समावेशिता को बढ़ावा देने और राज्य तथा उसके नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आप सार्वजनिक सेवा के उच्च मानकों को निरंतर बनाए रखें और एक अधिक समतामूलक तथा प्रगतिशील राष्ट्र के निर्माण में सार्थक योगदान देते रहें।"

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी सोशल मीडिया पर कहा, "सिविल सेवा दिवस के अवसर पर, मैं सभी सिविल सेवकों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और राष्ट्र के प्रति आपके समर्पण तथा अनुकरणीय सेवा के लिए अपनी सच्ची सराहना व्यक्त करता हूं। भारत की प्रशासनिक संरचना के एक स्थायी स्तंभ के रूप में शासन को सुदृढ़ करने और सार्वजनिक सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में आपके प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।"

उन्होंने बताया, "इस वर्ष का विषय 'विकसित भारत: नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक विकास' विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप है और यह पारदर्शी, जवाबदेह तथा नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसमें अंतिम छोर तक सेवा पहुँचाने और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया है।"

उन्होंने कहा, "आज, मैं नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित सिविल सेवा दिवस समारोह में मुख्य भाषण देने के लिए भी उत्सुक हूं। आइए, हम सभी इस दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाएं और एक समावेशी तथा विकसित भारत के निर्माण की दिशा में मिलकर कार्य करते रहें।"

Point of View

बल्कि समाज में विश्वास और विकास को भी बढ़ावा देता है।
NationPress
22/04/2026

Frequently Asked Questions

सिविल सेवा दिवस कब मनाया जाता है?
सिविल सेवा दिवस हर साल 21 अप्रैल को मनाया जाता है।
राष्ट्रपति ने सिविल सेवकों को क्या संदेश दिया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिविल सेवकों की प्रतिबद्धता और कार्यों की सराहना की और उन्हें एक सशक्त कड़ी बताया।
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