मुख्यमंत्री फडणवीस की पहल: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण समझौता
सारांश
Key Takeaways
- बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
- समझौता ज्ञापन का उद्देश्य बच्चों के भावनात्मक और मानसिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
- यह पहल तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगी।
- स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
- जन जागरूकता बढ़ाने के लिए ऑफलाइन और डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा।
मुंबई, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय ने शनिवार को यह जानकारी दी कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की विशेष पहल के तहत, राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए पुणे स्थित 'एकलव्य फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्थ' के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौता ज्ञापन के बारे में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य राज्य के भविष्य की नींव है। इसके माध्यम से हम बच्चों के भावनात्मक और मानसिक सशक्तिकरण के लिए मिलकर प्रयास कर रहे हैं। इससे हर बच्चा आत्मविश्वास और सकारात्मकता के साथ जीवन का सामना करने में सक्षम होगा।
यह समझौता पुणे स्थित एकलव्य फाउंडेशन के साथ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य के सभी जिलों में देखभालकर्ताओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना है। इस पहल को ऑफलाइन और डिजिटल माध्यमों के जरिए लागू किया जाएगा ताकि रोगियों और उनके परिवारों को सहायता मिल सके, जन जागरूकता बढ़ाई जा सके और मानसिक बीमारियों से जुड़े कलंक को कम किया जा सके। यह कार्यक्रम जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) के समन्वय से कार्यान्वित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू किया गया यह समझौता ज्ञापन अगले तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा, और यह राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता, उपलब्धता, और समावेशिता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस समझौते पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक, स्वास्थ्य सेवा आयुक्त एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. कादंबरी बलकवडे, उप सचिव विलास बेंद्रे, एकलव्य फाउंडेशन के संस्थापक-निदेशक डॉ. प्रो. अनिल वर्तक, उपाध्यक्ष प्राची बर्वे, सचिव स्मिता गोडसे, कोषाध्यक्ष मंजिरी चव्हाण और आजीवन सदस्य संध्या वर्तक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।