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सीएम ममता ने आई-पैक कर्मचारियों को नौकरी देने का वादा कर बढ़ाई असमंजस की स्थिति

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सीएम ममता ने आई-पैक कर्मचारियों को नौकरी देने का वादा कर बढ़ाई असमंजस की स्थिति

सारांश

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आई-पैक के कर्मचारियों को नौकरी देने का वादा किया है, जिससे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक असमंजस बढ़ गया है। यह घटनाक्रम आगामी विधानसभा चुनावों के बीच महत्वपूर्ण है।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी ने आई-पैक के कर्मचारियों को नौकरी देने का वादा किया।
पश्चिम बंगाल में असमंजस की स्थिति बढ़ी है।
आई-पैक ने अपने कार्यों को 20 दिनों के लिए रोकने की घोषणा की।
भाजपा पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप।
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है।

कोलकाता, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के पश्चिम बंगाल में कार्यों के भविष्य को लेकर रविवार से जो स्थिति असमंजस भरी थी, वह और भी जटिल हो गई। इसका कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का वह वादा था, जिसमें उन्होंने आई-पैक के कर्मचारियों को कोलकाता में नौकरी देने की बात कही थी।

इससे पहले, दिन की शुरुआत में यह जानकारी आई कि आई-पैक ने अपने कोलकाता कार्यालय के कर्मचारियों को एक ईमेल भेजा है, जिसमें उन्हें बताया गया कि संगठन के पश्चिम बंगाल में चल रहे कार्यों को 20 दिनों के लिए रोक दिया गया है। साथ ही, कर्मचारियों को इन 20 दिनों के लिए 'शॉर्ट लीव' पर जाने का निर्देश भी दिया गया है।

एक घंटे के भीतर, विभिन्न मीडिया संस्थानों ने यह जानकारी प्रसारित की कि तृणमूल कांग्रेस ने, न कि आई-पैक, एक बयान जारी कर पश्चिम बंगाल में अपने कार्यों पर अस्थायी रोक की खबरों का खंडन किया है।

हालांकि, रविवार दोपहर हुगली जिले के तारकेश्वर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो आई-पैक कोलकाता कार्यालय के कर्मचारी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले पर उनकी पार्टी के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के साथ पहले ही चर्चा हो चुकी है।

उन्होंने भाजपा को राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म को निशाना बनाने के लिए चेतावनी दी और उस पर इस महीने के अंत में होने वाले राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों को जीतने के लिए दबाव बनाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया।

आई-पैक पिछले कुछ वर्षों से तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा था।

मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रवर्तन निदेशालय हर दिन छापे मार रहा है, विशेषकर चुनावों के दौरान? एजेंसियों के लोग जो हमारे लिए काम करते हैं, उन्हें राज्य छोड़ने की धमकियां मिल रही हैं। आपके लिए इतनी सारी एजेंसियां काम कर सकती हैं। तो क्या हमारे लिए नहीं कर सकतीं? अगर आप उन्हें डराएंगे, तो वे मेरी पार्टी में शामिल हो जाएंगे और हम उन्हें नौकरियां देंगे। यह ध्यान रखें कि मैं किसी भी व्यक्ति को बिना नौकरी के नहीं रहने दूंगी। मैंने आज सुबह ही इस मामले पर अभिषेक बनर्जी से बात की है। मैं स्पष्ट रूप से कह दूं कि यह एक साजिश है। आप और कितनी अराजकता फैलाएंगे और कितने वोट कटवाएंगे? उसके बाद, आप एनआरसी लागू करेंगे।"

उन्होंने भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर केंद्रीय जांच एजेंसी के माध्यम से अपने सुरक्षा अधिकारियों और वकीलों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "तृणमूल नेताओं के घरों पर छापे मारे जा रहे हैं। लेकिन किसी भी भाजपा नेता के घर पर छापे क्यों नहीं मारे जाते? ईडी ने उस व्यक्ति के घर पर छापा मारा जो मेरे इनकम टैक्स का हिसाब-किताब देखता है। देबाशीष कुमार (तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार) के घर पर घंटों तक छापा मारा गया। उन्होंने पूरा एक दिन बर्बाद कर दिया और उन्हें चुनाव प्रचार नहीं करने दिया। हम यह सब रिकॉर्ड कर रहे हैं और केस दर्ज करेंगे। जो व्यक्ति मेरी सुरक्षा का ध्यान रखता है, उसके घर पर छापा मारा जा रहा है। क्या आप मुझे मारना चाहते हैं? अगर आप मुझे मारकर बंगाल जीत सकते हैं? तो एक बार कोशिश करके देख लीजिए। सीपीआई-एम ने कोशिश की थी और नाकाम रही। अब सीपीआई-एम के सारे लोग आपकी पार्टी में आ गए हैं।"

उन्होंने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना उन पर भी निशाना साधा और पूछा कि उनके घर पर छापा क्यों नहीं मारा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, "सबसे बड़ा चोर एक गद्दार है। उसके (सुवेंदु अधिकारी का जिक्र करते हुए) घर पर छापा क्यों नहीं मारा जाएगा? उसके भाई के घर पर छापा क्यों नहीं मारा जाएगा? उसके पिता के घर पर छापा क्यों नहीं मारा जाएगा?"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आई-पैक कर्मचारियों को नौकरी देने का वादा क्यों किया?
उन्होंने यह वादा कर्मचारियों के भविष्य को लेकर असमंजस को दूर करने के लिए किया है।
क्या आई-पैक के कामकाज पर रोक लगाई गई है?
हाँ, आई-पैक ने अपने कर्मचारियों को 20 दिनों के लिए 'शॉर्ट लीव' पर जाने का निर्देश दिया है।
यह घटनाक्रम चुनावों पर क्या असर डालेगा?
यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस की चुनावी स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
भाजपा पर ममता बनर्जी ने क्या आरोप लगाए?
उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए राजनीतिक दबाव डालने का आरोप लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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