क्या सीएम मोहन यादव दावोस में ऊर्जा, तकनीक और पर्यटन पर निवेश नीतियों को साझा करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश की स्थिर नीति
- ऊर्जा और ग्रीन ग्रोथ पर ध्यान
- औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र में अवसर
- डिजिटल तकनीक और नवाचार का प्रभाव
- पर्यटन में स्थानीय भागीदारी
भोपाल, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस के मंच पर मध्य प्रदेश अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करेगा। यह वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और निवेशकों के बीच मध्य प्रदेश की स्थिर नीति, संसाधन-समृद्ध संरचना और भविष्योन्मुखी विकास मॉडल को उजागर करेगा।
दावोस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सत्रों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन और ग्रीन ग्रोथ पर राज्य का संतुलित दृष्टिकोण सामने आएगा। उपयोगिता-स्तर की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना और ऊर्जा परिवर्तन के मॉडल पर केंद्रित विमर्श में मध्यप्रदेश की भूमिका प्रमुख रहेगी। यह संवाद राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा।
उद्योग और विनिर्माण से जुड़े सत्रों में रक्षा उत्पादन, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर फोकस रहेगा। वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ होने वाले संवादों में राज्य की औद्योगिक नीति, निवेश-अनुकूल वातावरण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
डिजिटल तकनीक और नवाचार से जुड़े सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस पर चर्चा होगी। इन विमर्शों में प्रशासन, उद्योग और सेवाओं में तकनीक के प्रभावी उपयोग को लेकर मध्यप्रदेश का व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित नजरिया सामने आएगा।
पर्यटन पर केंद्रित वैश्विक सत्रों में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जैव-विविधता, अनुभव-आधारित पर्यटन और कनेक्टिविटी को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। सतत पर्यटन विकास, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और वैश्विक पर्यटन मानचित्र में राज्य की विशिष्ट पहचान पर केंद्रित संवाद इस क्षेत्र में नए अवसरों को रेखांकित करेगा।
स्वास्थ, सामाजिक अवसंरचना और मानव विकास से जुड़े विमर्शों में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, तकनीक-समर्थित स्वास्थ्य सेवाएं और मानव-केंद्रित विकास मॉडल पर चर्चा होगी। ये सत्र सामाजिक विकास को आर्थिक प्रगति से जोड़ने वाले राज्य के दृष्टिकोण को वैश्विक संदर्भ प्रदान करेगा।
दावोस के दौरान विषयगत सत्रों, गोलमेज बैठकों और वन-टू-वन उच्चस्तरीय संवादों के माध्यम से निवेश, औद्योगिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी से जुड़े ठोस अवसर सामने आएंगे। इन प्रयासों के माध्यम से राज्य में पूंजी निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार के नए आयाम सृजित होने की दिशा स्पष्ट होगी।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस में यह सहभागिता मध्य प्रदेश को एक भरोसेमंद, दूरदर्शी और भविष्य-उन्मुख निवेश गंतव्य के रूप में वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगी।