क्या सीएम नीतीश कुमार ने बिहार डायरी और कैलेंडर 2026 का लोकार्पण किया?
सारांश
Key Takeaways
- बिहार सरकार द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार।
- सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण और विकास।
- प्रदेश में निवेश और उद्योग का विकास।
- युवाओं के लिए कौशल विकास की योजनाएं।
- एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य।
पटना, 1 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को बिहार सरकार के सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग द्वारा जारी बिहार डायरी 2026 और कैलेंडर 2026 का लोकार्पण किया, इसे राज्य की जनता के लिए समर्पित किया गया। बिहार कैलेंडर में राज्य में हुए परिवर्तनों और विकसित बिहार के सपनों को साकार करने के लक्ष्यों के साथ जनकल्याणकारी कार्यों को शामिल किया गया है।
कैलेंडर-2026 में सात निश्चय 3.0 ‘विकसित बिहार’ का आधार है, जो हर नागरिक के जीवन में अवसर, सुविधा और सम्मान जोड़ता है। इसमें ‘प्रतिव्यक्ति दोगुना रोजगार, दुगनी आय’, समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार, ‘कृषि में प्रगति-प्रदेश की समृद्धि’, ‘उन्नत शिक्षा- उज्ज्वल भविष्य’, ‘सुलभ स्वास्थ्य- सुरक्षित जीवन’, ‘मजबूत आधार- आधुनिक विस्तार’ और ‘सबका सम्मान- जीवन आसान’ जैसे निश्चय आत्मनिर्भरता की दिशा तय करते हैं।
कैलेंडर में प्रदेश में निवेश, उद्योग और कृषि तथा सहकारिता ने विकास का नया त्रिकोण दर्शाया है, जबकि शिक्षा और कौशल विकास योजनाएं युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बना रही हैं। एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य बिहार को आत्मनिर्भर बना रहा है। बिहार कैलेंडर 2026 के जनवरी माह के पृष्ठ पर ‘सात निश्चय 3.0- प्रगति, विश्वास एवं जनकल्याण’ के तहत रोजगार और आय को बढ़ाने का दिखाया गया है। वहीं फरवरी माह के पृष्ठ पर औद्योगिक विकास की नई गाथा को प्रस्तुत किया गया है।
अन्य महीनों के पृष्ठों में शिक्षा और कौशल के माध्यम से शिक्षा से सशक्त, स्किल से समृद्ध युवा और रोजगार का संदेश दिया गया है, जो नीतीश सरकार द्वारा बिहार में रोजगार सृजन को प्राथमिकता देता है। अन्य पृष्ठों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार और भविष्य निर्माण पर जोर दिया गया है। सांस्कृतिक विरासत और बिहार की पहचान के तहत समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजते हुए संरक्षण और विकास को समान महत्व दिया गया है।