बेंगलुरु में ₹71.24 करोड़ का असम भवन उद्घाटित, CM सरमा बोले — युवाओं का पलायन रोकेंगे
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 16 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में नवनिर्मित असम भवन का उद्घाटन किया। ₹71.24 करोड़ की लागत से बना यह चार मंजिला भवन कर्नाटक की राजधानी में आने वाले असमिया छात्रों, मरीजों, सरकारी अधिकारियों और अन्य आगंतुकों के लिए 'घर से दूर घर' के रूप में काम करेगा। सरमा ने इस अवसर पर कहा कि राज्य का लक्ष्य अगले दशक में इतने रोज़गार के अवसर पैदा करना है कि कुशल युवाओं का पलायन रुके और वे वापस असम लौटने के लिए प्रेरित हों।
भवन की विशेषताएँ और सुविधाएँ
16,249 वर्ग मीटर के भूखंड पर खड़े इस भवन में 7 वीआईपी सुइट, 26 मिनी-सुइट, 36 डबल-ऑक्यूपेंसी कमरे और 26 बेड वाला एक छात्रावास शामिल है। इसके अलावा सम्मेलन कक्ष, भोज कक्ष, रेस्तरां, पुस्तकालय और मनोरंजन सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि 'असम भवन केवल एक सरकारी अतिथि गृह नहीं है, बल्कि यह राज्य सरकार की अपने लोगों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है और असम तथा कर्नाटक के बीच संबंधों को और मज़बूत करता है।'
परियोजना का इतिहास
इस परियोजना की राह आसान नहीं रही। 2008 में पाँच एकड़ ज़मीन अधिग्रहित की गई थी, लेकिन भूमि वर्गीकरण से जुड़ी कानूनी अड़चनों के कारण 2016 में निर्माण कार्य रोकना पड़ा। आवश्यक स्वीकृतियाँ मिलने के बाद मई 2022 में काम फिर शुरू हुआ और भवन तीन साल में बनकर तैयार हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार असम को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने में जुटी है।
असम में निवेश और रोज़गार का खाका
सरमा ने औद्योगिक विकास के मोर्चे पर बड़े आँकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि राज्य में ₹5 लाख करोड़ के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनमें से ₹4 लाख करोड़ की परियोजनाएँ पहले से ही क्रियान्वित हो रही हैं।
रोज़गार सृजन के प्रमुख स्रोतों के रूप में उन्होंने जागीरोड स्थित सेमीकंडक्टर संयंत्र, प्रस्तावित नामरूप उर्वरक संयंत्र, बिजली परियोजनाएँ, गुवाहाटी हवाई अड्डे के निकट प्रस्तावित सैटेलाइट सिटी और विमान रखरखाव सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि डेटा सेंटर, रक्षा विनिर्माण और उन्नत प्रौद्योगिकी उद्योग रोज़गार के अवसरों को और विस्तार देंगे।
प्रवासी असमियों से अपील
सरमा ने राज्य से बाहर बसे असमियों से आग्रह किया कि वे उद्यमियों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 'असम के राजदूत' की भूमिका निभाएँ। गौरतलब है कि उन्होंने यह भी घोषणा की कि नवंबर और दिसंबर में नई दिल्ली में दो और असम भवनों का उद्घाटन होगा, जबकि मुंबई और कोलकाता में भी ऐसी सुविधाएँ स्थापित करने की योजना है।
समारोह में सामान्य प्रशासन मंत्री केशव महंत और कर्नाटक के विधायक एस.टी. सोमशेखर भी उपस्थित रहे। आने वाले महीनों में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में बनने वाले असम भवन इस नेटवर्क को और व्यापक बनाएँगे, जो राज्य सरकार की 'ब्रांड असम' रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं।