क्या मैं बिहार के लोगों का दिल से धन्यवाद कर सकता हूँ? : सीएम सरमा
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
- सीएम सरमा ने बिहारवासियों का धन्यवाद किया।
- विकास कार्यों की गति बढ़ाने का आश्वासन दिया गया।
- ममता बनर्जी के मतदाता सूची पुनरीक्षण के विरोध पर सवाल उठाए गए।
- फर्जी मतदाताओं की पहचान की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
पटना, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गुरुवार को नीतीश कुमार द्वारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का स्वागत किया।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए एक खुशखबरी है कि आज नीतीश कुमार ने बिहार के सीएम पद की शपथ ली। बिहार में एनडीए की जीत हमारे लिए खुशी का विषय है। मैं बिहार के लोगों का दिल से धन्यवाद करना चाहूंगा कि उन्होंने एनडीए की सरकार पर एक बार फिर से विश्वास जताया। मैं बिहारवासियों को आश्वस्त करता हूं कि अब विकास से संबंधित कार्यों को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जाएगा।
इसके साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण का विरोध करने पर आपत्ति जताई।
उन्होंने सवाल उठाया कि ममता बनर्जी अब मतदाता सूची पुनरीक्षण का विरोध क्यों कर रही हैं जब इसकी प्रक्रिया पश्चिम बंगाल में शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के तहत फर्जी मतदाताओं को चिन्हित किया जा रहा है और उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। ऐसे फर्जी मतदाताओं को अपने यहां रहने की इजाजत क्यों दी जाए? अगर उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है, तो इस पर ममता जी का दर्द समझ नहीं आ रहा।
सरमा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक रह रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान करना जरूरी है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में फर्जी मतदाताओं को मतदान का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई है। अगर इस प्रक्रिया के बाद बांग्लादेशी नागरिक खुद अपने देश लौट रहे हैं, तो हमें इसका स्वागत करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सरमा ने रॉबर्ट वाड्रा के बयान पर हैरानी जताते हुए कहा कि वो कौन हैं? क्या वे कोई सांसद या विधायक हैं? आखिर उनकी राजनीतिक पात्रता क्या है कि हम उनके बयान को गंभीरता से लें? क्या हमें इस स्थिति में आना चाहिए कि हम रॉबर्ट वाड्रा के किसी बयान को गंभीरता से लें?